Tuesday, July 16, 2024
Jharkhand News

वधशाला निर्माण और लाइसेंस निर्गत कराने को लेकर मुजीब कुरैशी ने नगर विकास सचिव से की भेंट

 

वधशाला निर्माण और लाइसेंस निर्गत पर सरकार ने दो बार कर चुकी है बैठक:विनय चौबे

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव सह  नगर विकास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे से झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरेश के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी ने उनके कार्यालय में मुलाकात की और कुरैशी समाज की लंबित मामलों पर बैठक कर चर्चा की। झारखंड प्रदेश के जमीयतुल कुरैश के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी ने सचिव विनय कुमार चौबे को मांगपत्र सौंपते हुए बताया कि झारखंड में काडा,भैंस के लिए वधशाला निर्माण एवं लाइसेंस निर्गत कराने की संवैधानिक मांग पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी मांग पत्र सौंपा गया है , इसी मांग पत्र पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया था कि सरकार इस पर बहुत जल्द सकारात्मक रूप से काम करेगी। लेकिन किसी कारणवश  मामला लंबित होता देख पुनः इस मामले से अवगत कराने के लिए फिर से मांग पत्र सौंप रहे हैं। इस पूरे मांग पत्र को पुनः पढ़ने के बाद नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश के झारखंड  अध्यक्ष मुजीब कुरैशी को बताया कि आपके द्वारा दिए गए मांग पत्र पर सरकार ने दो बार गहन  विचार-विमर्श कर चुकी है,  जिस पर बात कुछ आगे भी बढ़ी थी , लेकिन कुछ त्रुटियां आने से और खासकर  तस्करी जैसी समस्याओं की खबरें आने से मामला आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने आश्चर्य करते हुए यह भी कहा कि जब झारखंड में वधशाला है ही नहीं, तो तो फिर प्रतिबंधित मांस पकड़े जाने ने की खबरें आए दिन कैसे आती है। फिर भी देखते हैं कि इस मांग पत्र पर हम लोग आगे और क्या कर सकते हैं। लेकिन एक बार फिर आपके साथ इस मसले पर बैठक कर चर्चा करेंगे। और  संबंधित विभाग के अधिकारी को जमीन चिह्नित करने के लिए जिसमें हजारीबाग, लोहरदगा, जमशेदपुर, रांची के कांटाटोली, डोरंडा सहित अन्य जगहों को भी एक बार देख लिया जायेगा। 

वहीं प्रदेश अध्यक्ष मुजीब कुरैशी ने नगर विकास सचिव को अवगत कराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश,प. बंगाल , कर्नाटक सहित कई राज्यों में  आधुनिकीकरण वधशाला संचालित है और लाइसेंस भी निर्गत किया गया है। झारखंड सरकार यदि चाहेगी तो यहां पर भी हो सकती है, इससे  तस्करी पर रोक लगेगी, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।करीब 5 लाख लोग इस  रोजगार से जुड़ सकेंगे,साथ ही  शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।  इस मौके मीडिया प्रभारी गुलाम जावेद, कांटाटोली जमीयतुल कुरैश पंचायत के अध्यक्ष गुलाम गौस कुरैशी, सहित और कई लोग मौजूद थे।
बाॅक्स में
ज्ञातव्य हो कि 2005 से पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत झारखंड में गोवंशीय पशु पर प्रतिबंध है। झारखंड प्रदेश जमीयतुल कुरैश के अध्यक्ष मुजीब कुरैशी 2005 से लगातार अन्य राज्यों की तरह काड़ा, भैंस के लिए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत वधशाला और लाइसेंस निर्गत कराने की मांग करते चले आ रहे हैं।

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