मोहम्मद आज़म खान व अब्दुल्ला आज़म खान को न्याय दिलाने के लिए देशव्यापी धरना जंतर-मंतर दिल्ली पर 17 मई को- मोहम्मद अरशद खान


नई दिल्ली / लखनऊ / जौनपुर
मोहम्मद आज़म खान व अब्दुल्ला आज़म खान को न्याय दिलाने के लिए देशव्यापी धरना जंतर-मंतर दिल्ली पर 17 मई को– मोहम्मद अरशद खान
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर, मोहम्मद अरशद खान ने देश की न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हुए ऐलान किया है कि दिनांक 17 मई 2026, प्रातः 10:00 बजे, जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर एक विशाल, ऐतिहासिक एवं शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। यह धरना वरिष्ठ जननेता मोहम्मद आज़म खान, अब्दुल्ला आज़म खान एवं उनके परिवार के साथ हो रहे कथित अन्याय के विरुद्ध और उन्हें न्याय दिलाने के लिए समर्पित होगा।
मोहम्मद अरशद खान ने अपने बयान में कहा कि, “जब न्याय के मंदिरों में ही निष्पक्षता पर सवाल उठने लगें, तब लोकतंत्र के सिपाहियों का सड़कों पर उतरना कर्तव्य बन जाता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान जिस संवेदनशीलता और निष्पक्षता की अपेक्षा थी, वह दिखाई नहीं गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मतिथि से संबंधित त्रुटि को विधिक प्रक्रिया के तहत बार-बार सुधारा गया, जिसके पुख्ता दस्तावेज़ी साक्ष्य मौजूद हैं। इसके बावजूद तथ्यों की अनदेखी कर कठोर निर्णय दिया जाना, न केवल अन्याय है बल्कि संविधान की मूल भावना—न्याय, समानता और विधि के शासन—पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने आगे कहा कि, “यह लड़ाई किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो न्याय और अधिकारों में विश्वास रखता है। अगर आज हम खामोश रहे, तो कल हर आम आदमी के साथ यही अन्याय दोहराया जाएगा।”
मोहम्मद अरशद खान ने माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं माननीय मुख्य न्यायाधीश, भारत से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
उन्होंने देशभर के समाजवादी कार्यकर्ताओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों, बुद्धिजीवियों एवं न्यायप्रिय नागरिकों से जोरदार अपील करते हुए कहा—
“17 मई को जंतर-मंतर सिर्फ एक धरना स्थल नहीं होगा, बल्कि अन्याय के खिलाफ जनआक्रोश का प्रतीक बनेगा। आइए, लोकतंत्र को मजबूत करें और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।”
“न्याय के लिए संघर्ष, संविधान के प्रति सम्मान”
आह्वानकर्ता:
मोहम्मद अरशद खान
राष्ट्रीय सचिव, समाजवादी पार्टी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अम्बेडकर विचार मंच
पूर्व विधायक, जौनपुर सदर








