Saturday, April 20, 2024
Ranchi Jharkhand

मंत्रिमंडल के गठन में पार्टी हाईकमान का निर्णय स्वागत योग्य, एक एक कार्यकर्ता मजबूती से निर्णय के साथ खड़ा है:आलोक कुमार दूबे

झारखण्ड प्रभारी गुलाम अहमद मीर की राजनीतिक सूझ-बूझ ने भाजपा के हर साजिश को नाकाम किया – आलोक कुमार दूबे
मंझदार में नैया डोले तो मांझी पार लगाये,मांझी जो नाव डुबोये उसे कौन बचाये – लाल किशोर नाथ शाहदेव
एक व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत महात्वाकांक्षा के लिए पार्टी का सर्वनाश कर रहा है – डॉ राजेश गुप्ता छोटू


झारखण्ड से कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे और हाईकमान से पार्टी नेतृत्व को लोकसभा चुनाव के पहले बदलने की मांग करेंगे – रमेश उरांव वरिष्ठ कांग्रेस नेता
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव,डॉ राजेश गुप्ता छोटू एवं रमेश उरांव ने मंत्रिमंडल के गठन में पार्टी हाई कमान के निर्णय का स्वागत किया है।चारों मंत्रियों को दुबारा मौका देना सही और स्वागत योग्य कदम है।जिस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल नेता के चेहरे पर हमने 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ा,अलग राज्य बनने के बाद पहली बार हमने 16 विधायकों के साथ मजबूत गठबंधन की सरकार बनाई आज वो चेहरा राज्य की जनता को पसंद है और जनता की पसंद एवं इच्छाओं का अपमान भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।झारखण्ड का कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, राहुल गांधी एवं केसी बेणुगोपाल के निर्णय के साथ खड़ा है।आज अनुशासन कमिटी कहां है जब पार्टी में अनुशासनहीनता अपने चरम पर है।


वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा मंत्रिपरिषद के गठन को लेकर प्रदेश कांग्रेस की कार्यशैली से पूरी पार्टी को नुक्सान पहुंच रहा है। विधायकों को भड़काया जा रहा है, गुमराह किया जा रहा है।अपनी सुपरमेसी के लिए पूरी पार्टी की फजीहत कर रहे हैं,सिर्फ एक व्यक्ति की वजह से पूरी पार्टी में घमासान मचा हुआ है। अनुशासन हीनता चरम पर है।पिछले 2 साल से अविनाश पाण्डेय मंत्रियों को बदल रहे थे और विधायकों को आपस में विवाद करवा रहे थे।किस प्रकार अविनाश पाण्डेय 24 घंटे के अंदर यू टर्न लिया था यह किसी से छुपी हुई नहीं है।
कोरोना काल में चारों मंत्रियों ने जनता के लिए जो काम किया था उसे सबने देखा,अपनी जान की परवाह किए बगैर मंत्रियों ने जनता की सेवा की जबकि यही अध्यक्ष उस समय भी प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष, सरकार में कोर्डिनेशन कमिटी के सदस्य भी थे, मीडिया प्रभारी थे कोरोना काल में अपने परिवार के साथ विश्राम कर रहे थे और आज पार्टी को रसातल में भेज रहे हैं, इसलिए लोग कह रहे हैं जब छोटे लोग बड़े ओहदे पर आते हैं तब ऐसा ही होता है।
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने जिस दिन से झारखंड में पार्टी के प्रभारी के तौर पर पदभार ग्रहण किया उसी दिन से झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता एवं उथल पुथल रही,इसके बावजूद उन्होंने जितनी संजीदिगी से सब कुछ हैंडल किया वो काबिले तारीफ है खासकर अपने राजनीतिक सूझ-बूझ से भारतीय जनता पार्टी के हर साजिश को नाकाम किया,और महागठबंधन की सरकार का गठन कराया,अनुभवी और लोकप्रिय चेहरा को फिर से मंत्रिपरिषद में स्थान देकर राजनीतिक समझ का परिचय दिया है।राहुल गांधी की भारत छोड़ो न्याय यात्रा को झारखण्ड में सफलता पूर्वक संचालन कर प्रभारी ने अपनी संगठनात्मक क्षमता भी दिखाया है,ऐसे में पार्टी हाईकमान के निर्णय को चुनौती देना घोर अनुशासन हीनता है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा एक व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत महात्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए पूरे सिस्टम के माहौल को खराब कर रख दिया है वह किसी से छुपी हुई नहीं है।हम एक बार फिर दुहरा रहे हैं यह प्रदेश अध्यक्ष अपने आका भाजपा के नेता आरपीएन सिंह के इशारे पर काम कर रहा है इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है।संगठन को कमजोर करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती है,मंझदार में नैया डोले तो मांझी पार लगाये,मांझी जो नाव डुबोये उसे कौन बचाये, झारखण्ड कांग्रेस में आज यही हो रहा है।
कांग्रेस नेता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा लोकसभा के चुनाव सर पर हैं, राहुल गांधी अपनी जान की परवाह किए बगैर पूरे देश में जनता से जुड़ रहे हैं और जिसके ऊपर सबको समेट कर चलने की जिम्मेदारी पार्टी ने सौंपी है आज वही व्यक्ति पूरी पार्टी को रसातल में भेज रहा है। राजेश ठाकुर को झामुमो से सिखनी चाहिए कि संकट की घड़ी में किस प्रकार आज पूरी पार्टी हेमन्त सोरेन जी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा एक सप्ताह के अंदर हम सभी जिलों से कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली कूच करेंगे और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, राहुल गांधी एवं केसी बेणुगो ने ाल से मुलाकात कर वस्तु स्थिति से अवगत करायेंगे एवं लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन में आमूल चूल परिवर्तन की मांग करेंगे।

Leave a Response