Friday, April 19, 2024
Jamshedpur News

कलाल इराकी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शानदार इफ्तार पार्टी का आयोजन

 

कलाल इराकी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शानदार इफ्तार पार्टी का आयोजन

जमशेदपुर: चेपापुल शालीमार भवन में कलाल इराकी वेलफेयर सोसाइटी की ओर से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तिलावत-ए-कुरान पाक से हुआ। मौके पर मुख्य वक्ता इहतेशामहक, मुफ्ती सऊद साहब ने जकात के महत्व को समझाया और मौलाना जफर ने इसके फायदे बताये। कार्यक्रम की अध्यक्षता वली कलाल ने किया और संचालन हाजी अब्बास अली ने किया।

 इस मौके पर उपस्थित मुफ्ती सऊद ने बताया कि रोजेदारों को इफ्तार कराना काफी सवाब कमाने के बराबर होता है। रोजेदार खुदा के नेक बंदे होते है। रोजेदार अपने भूख व प्यास को बर्दाश्त कर खुदा की इबादत में मशगूल रहते है। रोजेदार की एहतराम करना एक बहुत बड़ा नेकी का कार्य होता है। उन्होंने ने कहा कि रमजान के महीने मे अल्लाह तआला नेकियों का बदला एक से सतर गुना बढ़ा देता है। इस अवसर पर मौलाना ऐहतशाम ने कहा कि यह महिना रमजान का पवित्र महिना है। हम सभी को अल्लाह तआला के बताए रास्ते पर चलने  चाहिए।

बता दें कि रमजान के पाक महीने में आपसी भाईचारा और सोहार्द बनाए रखने के लिए दावत-ए- इफ्तार पार्टी देने की परंपरा रही है। दावत-ए- इफ्तार में लोग आपसी गीला शिकवा और मतभेद भुलाकर भाग लेते है। इसमें सभी वर्गों के लोगों के भाग लेने से भाईचारा,आपसी प्रेम और सौहा‌र्द्ध बढ़ता है।अल्लाह के पैगंबर हजरत मुहम्मद का फरमान है कि रोजेदार की दुआ इफ्तार के वक्त रद नही की जाती। अगर किसी ने रोजेदार को इफ्तार कराया तो उसे भी रोजेदार के बराबर का सवाब मिलेगा और रोजेदार के सवाब में कोई कमी भी नहीं होगी। रोजा सिर्फ और सिर्फ अल्लाह के लिए है।

 इस इफ्तार पार्टी में डॉक्टर जफर, हाजी शकील, शाहनवाज, जावेद, फारुख अशरफी, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अरशद, फारूक आजम, कैसर रब्बानी, मुफ्ती सउद, वली कलाल, अबुल कलाम मजहर, सोनू मेडिकल, इरशाद उर्फ मंटू, मास्टर अजीज नदवी, डॉ इफ्तेखार अहमद, तूबा आमरीन, शाहिद बस, मोहम्मद बबलू, रिजवान, मिंटू समेत आसपास के लोग उपस्थित थे। आए हुए सभी लोगों को हाजी शकील और उनकी टीम ने स्वागत किया। 

कलाल इराकी वेलफेयर सोसायटी को पूरे झारखंड ने सराहा
कलाल इराकी वेलफेयर सोसायटी जमशेदपुर के इस इफ्तार पार्टी को जमीयतुल इराकीन झारखंड, यंग इराकी झारखंड, इस्लाहुल इराकीन, कलाल फाउंडेशन, कलाल यूथ फाउंडेशन ने इस कार्य को सराहा है। सबका नाम मुश्किल है। लेकिन सभी ने कहा इस तरह के कार्यक्रम से बेरादरी एकजुट होगी। और हर मुश्किल काम आसान होगा।

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