जेवीएम के पूर्व महासचिव खालिद खलील ने अपने समर्थकों संग थामा आजसू का दामन

झारखंड के हितैषी शामिल हो रहे आजसू में : सुदेश कुमार महतो

- आजसू जनहित में समर्पित बेदाग पार्टी: खालिद खलील
रांची। राजधानी स्थित आजसू के प्रदेश कार्यालय में जेवीएम के पूर्व महासचिव खालिद खलील ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आजसू की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर खालीद खलील के साथ जेवीएम नेता डॉ.इंतजार अली, जिया उल हक, मिनहाज, एकरामा आमिश,शहबाज अमन,मो• होजैफा समेत सैंकड़ों लोग शामिल हुए। आजसू मिलन समारोह में खालिद खलील ने कहा कि झारखंड के हित के लिए जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए आजसू की सदस्यता ग्रहण की । आजसू का विजन सबको साथ लेकर चलना है। उन्होंने कहा आजसू पार्टी अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के प्रति सदैव सक्रिय रही है। अधिकतर दलों ने मुस्लिम समाज को ठगने का काम किया है। मुस्लिम नौजवान मुख्य धारा में आना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान झारखंड सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने सबसे ज्यादा मुसलमानों को ठगा है।
झारखंड में अगर मुसलमानों को उनका वाजिब हक कोई दिला सकता है, तो वह है आजसू पार्टी। उन्होंने कहा कि पार्टी को सशक्त बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे। आजसू में आने के बाद आजसू पार्टी को इतना मजबूत कर दूंगा कि झारखंड में इसका दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा। झारखंड में मुसलमान के बदतर हालात में लाने के लिए हेमंत सोरेन और कांग्रेस मुख्य रूप से जिम्मेदार है। झारखंड के अल्पसंख्यकों को को बिजली, शिक्षा ,स्वास्थ्य, सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। झारखंड के नौजवान आजसू पार्टी को गला लगाने के लिए तैयार हैं ।

- इस मौके पर आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने कहा कि छात्र राजनीति से उभर कर प्रदेश की राजनीति में भाग लेने वाले अच्छे वक्ता खालिद खलील को पार्टी में स्वागत और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं । झारखंड राज्य के संघर्ष को हेमंत सोरेन ने देखा जरूर होगा लेकिन इस अवसर को वह सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। उन्हें कभी भी एक सीएम के रूप में काम नहीं किया। लोगों को निराशा ही मिली है । इस झारखंड सरकार से झारखंड की जनता में निराशा है। उन्होंने कहा कि आजसू हमेशा राज्य की बेहतरी के लिए कोशिश करती है। इस तरह के अच्छे लोगों को जोड़ने का अभियान आजसू में चलता रहेगा। प्रोग्राम का संचालन आदिल अजीम ने किया। इस मौके पर शाहबाज अमन, मोहम्मद दानिश, अजीत कुमार, गिरधारी सिंह, शाहनवाज आलम, डॉक्टर रुस्तम, प्रोफेसर जिया उल हक, डॉक्टर इंतजार अली, शाहिद, अकाश कुमार, दिपु राणा, टिपु सुलतान, रौशन कुमार, समेत काफी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद थे।

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