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त्योहारों में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने को लेकर झारखंड तंजीम की परिचर्चा, सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने लिया मिलकर सहयोग का संकल्प

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रांची, 4 अक्टूबर। आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली, छठ सहित अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने को लेकर झारखंड तंजीम के तत्वावधान में रविवार को रांची के होटल पार्टी पैलेस में एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, रांची में किसी सामाजिक संस्था की ओर से विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को एक मंच पर लाकर त्योहारों को लेकर इस तरह की परिचर्चा अपने आप में पहली पहल है।

परिचर्चा की अध्यक्षता झारखंड तंजीम के अध्यक्ष शमसेर आलम और युवा दस्ता के राजीव रंजन मिश्रा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 33 दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान आपसी समन्वय मजबूत करना, शांति एवं सद्भाव बनाए रखना तथा प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए , तंजीम के अध्यक्ष शमसेर आलम ने इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि त्योहार किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर हैं। सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठन आपस में समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन से लेकर विसर्जन तक एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। साथ ही उपद्रवी तत्वों पर नजर रखने और किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए सजग रहने की बात कही । उन्होंने जिला के वरीय आरक्षी अधीक्षक राकेश रंजन क्रिया कलापों की सराहना करते हुए कहा की हर मौके पर वरीय आरक्षी अधीक्षक सड़को पर नजर आते है , इससे जनता का प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है I उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर उपस्थित सदस्यों से अपील की कि किसी भी भ्रामक या विवादित संदेश को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं और किसी भी तरह की आपत्तिजनक सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को इसकी जानकारी दें।

बैठक में यह भी तय किया गया कि त्योहारों के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि उन्हें पूजा पंडालों, धार्मिक स्थलों और अन्य आयोजनों में आने-जाने तथा दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी सहमति बनी।

परिचर्चा में सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, चैती दुर्गा पूजा समिति, मरहबा सोसाइटी, सरना समिति, सत्य अमरलोक, महावीर मंडल, धौताल अखाड़ा एवं इमाम बख्श अखाड़ा सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में अकीलुर्रहमान, हीरालाल साहू, राजेश गुप्ता,
सागर कुमार, अशोक चौधरी , दीपक ओझा , मो. इस्लाम
प्रणव कुमार बब्बू, नईम कुरैशी, अशरफ अंसारी, शोएब अंसारी, पप्पू गद्दी, तनवीर गद्दी, महफूज गद्दी ,नदीम खान , तनवीर आलम , शोएब खान, मो. परवेज, आफताब आलम, रंजीत उरांव, सरदार हरविंदर सिंह, मो० इज़हार, राजकिशोर, राहुल सिन्हा, प्रकाश चंद्र सिन्हा, अकील अख्तर , मो० जावेद ,युवा दस्ता के विकास राज, डॉ. जीवाधन प्रसाद, मनीष साहू, जो साहू, सन्नी सिन्हा, मो. तनवीर, सुनील शर्मा, हेमसिंह, शेखर प्रसाद, औरंगजेब खान, निहाल अहमद, सोहैल सायिद एवं अब्दुल खालिद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन अकीलुर्रहमान ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा झारखंड तंजीम के सदस्य फहीम खान ने तैयार की, जबकि समापन संबोधन तंजीम के मीडिया प्रभारी सरवर आलम ने किया।

परिचर्चा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सामाजिक और धार्मिक संगठन मिलकर काम करेंगे तथा किसी भी परिस्थिति में आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को प्रभावित नहीं होने देंगे।

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