हाईकोर्ट के फैसले से व्यापारियों को मिली बड़ी राहत: मुकेश अग्रवाल


रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के अपर बाजार स्थित जालान रोड की जमीन और दुकानों का लीज रद्द करने तथा उन्हें खाली कराने के रांची नगर निगम के आदेशों को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने निगम की कार्रवाई को पर्याप्त कारणों के अभाव में पारित मानते हुए सभी आठ याचिकाकर्ताओं की रिट याचिकाएं स्वीकार कर लीं। अदालत के इस फैसले से किरण देवी मोदी समेत आठ याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले को नए सिरे से निर्णय लेने के लिए रांची नगर निगम के पास वापस भेज दिया है। निगम को निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर दिया जाए। उनके तर्कों और प्रस्तुत दस्तावेजों पर विचार करने के बाद तर्कसंगत आदेश पारित किया जाए। यह पूरी प्रक्रिया अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त होने के 12 सप्ताह के भीतर पूरी करनी होगी। इस फैसले पर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के लैड रिफॉर्म उपसमिति के चेयरमैन सह रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से जालान रोड के दुकानदारों और किरायेदारों को बड़ी राहत मिली है। किसी भी व्यापारी या किरायेदार के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए। न्यायालय ने भी निष्पक्ष सुनवाई और दस्तावेजों के आधार पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अपर बाजार रांची का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में व्यापारी वर्षों से अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में दुकानों और जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी कार्रवाई से व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होती है। इसलिए जरूरी है कि नगर निगम सभी संबंधित पक्षों की बात सुने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ही निर्णय ले। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर निगम हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देगा और मामले का निष्पक्ष एवं न्यायसंगत समाधान निकालेगा।








