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मुस्लिम मजलिस उलेमा का लोकतंत्र बचाओ संविधान बचाओ महाअधिवेशन में बोले सुबोधकांत सहाय, संविधान के पहले पन्ने को कोई बदल नहीं सकता

संविधान नहीं बचा तो यह देश टूट जायेगा : फुरकान

अमीर-गरीब सभी के लिये संविधान में समान अधिकार : मुफ्ती अब्दुल्लाह अज़हर

संवाददाता
रांची: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि प्रथम राष्ट्रय पति डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे। उसके जनतांत्रिक अधिकार पर चर्चा हुई। संविधान का पहला पन्ना इस पन्ने को कोई बदल नहीं सकता है। तानाशाह हिटलर भी चुनाव जीत कर आया था। यहां जो शासन है एलेकशन कमीशन के गठन पर सूप्रिम कोर्ट ने भी सवाल उठाया है। कहा की एलेकशन कमीशन में अपोजीशन व एक सरकार के मंत्री होना चाहिये। सुप्रिम कोर्ट के फैसले को मोदी ने बदल दिया। नोट बंदी कर संविधानी ढांचे को ठेंगा दिखाया। आजादी के बाद संविधान की बोलने, लिखने, न्याय मांगने की आजादी खत्म हो गई। वह रविवार को संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ महाअधिवेश में बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इसका आयोजन मुस्लिम मजलिस ए उलेमा झारखंड के तत्वावधान पर मेन रोड स्थित सिटी प्लाजा सभागार में किया गया था। उन्होंने कहा कि अपने संविधान को बचाने के लिये सभी को साथ मिल कर चलने की जरूरत है

संविधान नहीं बचा तो यह देश टूट जायेगा : फुरकान

पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि संविधान नहीं बचा तो यह देश टूट जायेगा। देश बचाने के लिये इस अभियान को चलाना होगा। झारखंड में इस मुहिम को और मजबूत ढंग से बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव करीब है, जब लोकतंत्र ही नहीं रहेगा, संविधान ही नहीं रहेगा तो कैसे जीतेंगे आप। सभी को फैसला करना चाहिये की हम ईवीएम से मतदान नहीं करेंगे। मोदीजी ने चाल चल दी है, बड़े राज्य को टारगेट में लेते हैं, और अपनी छाप छोड़ जाते हैं। सभी धर्म, जाति को एक होने की जरूरत है, संविधान को बचाने की जरूरत है।

अमीर-गरीब सभी के लिये संविधान में समान अधिकार : मुफ्ती अजहर
मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने कहा कि भारत के खुबसूरत गुलदस्ते के हर धर्म के लोगों को एक साथ खूबसूरत जिंदगी गुजारने का संविधान में अधिकार है। हम भारत के लोग एक साथ मिल कर रहेंगे तो बड़ी ताकत होगी। अमीर, गरीब सभी के लिये संविधान में समान अधिकार है।

लोकतंत्र को खत्म करने वाले को ही खत्म कर देंगे : मेहता
पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि आज देश का संविधान संकट में है। लोकतंत्र संकट में है. भारत की आजादी में हिंदू, मु्सलिम, सिख, इसाई सभी ने अपनी शहादत दी है। लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे इसे खत्म करने वाले को ही खत्म कर देंगे।

200 गांव में संविधान की शपथ दिलाई : प्रभाकर
आंदोलनकारी प्रभाकर तिर्की ने कहा कि जमीन का लिखित खतीयान है, उसी तरह हर नागरिक का लिखित संविधान है। इसे सभी को जानना जरूरी है। देश के नागरिकों के धर्म, भाषा, परंपरा, अधिकार सभी के आधार पर इसे तैयार किया गया है। अमीर, गरीब, उच्च व छोटे सभी के लिये संविधान में समान अधिकार का दर्जा है। 200 गांव संविधान के प्रति जागरुक कर शपथ दिलाई गई।

मासूम जैन के संविधान स्पीच को सभी ने सराहा
सात साल के बच्चे मो जैन ने संविधान पर इंग्लीश में स्पीच दिया वह भी बीच में हिंदी में लोगों को समझा भी रहा था। बच्चे की बेबाक प्रस्तुती को पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने खूब सराहा। उन्होंने बच्चे को पास बुला कर मुबारक बाद दिया। मौके पर सुधीर गोप, आबिद अली अंसारी, कैलाश यादव, मौलाना यासीन कासमी, आजम अहमद, भुवनेश्वर केवट, फरहाना खातून, हाजी मो मजहर, मोख्तार अहमद ने भी अपने अपने विचार रखा। मौके पर अनवर खान, मो जबिउल्लाह, मो नसीम, मास्टर मुजम्मिल, अकीलुर्रहमान, शोएब अंसारी, अब्दुल खालिक, बदरु मलिक, आदिल रशीद, इम्तियाज अहमद, दानिश अय्याज, गुलाम सरवर रिजवी, शकील अहमद, महमूद आलम, अरशद कमाल, सैयद नेहाल, अब्दुल खालिक, इंजिनियर इकबाल हसन, निजाम अली अंसारी, मौलाना शाकिर, रिजवान अंसारी, मास्टर सिद्दीक, गुलाम सरवर, मिन्हाज गद्दी, मंसूर खान, हाजी इकबाल, शाहीन मरयम, अकरम नवाज, आदि शामिल थे।

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