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“डॉ प्रभात कुमार को रांची सिविल सर्जन में पुनः बहाल करो,झारखंड स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पर अराजक-अमानवीय स्थिति पर 05 अगस्त को झारखंड राज्यस्तरीय प्रदर्शन”

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“लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची,झारखंड थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित एसोसिएशन के नेतृत्व में झारखंड स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर आज आत्मचिंतन बैठक रांची सदर अस्पताल ब्लड बैंक परिसर में हुई।

बैठक में रक्तवीर,रक्तदान आयोजक,रक्त विकार रोग,असाध्य रोग के परिजन,पीड़ित एवं सामाजिक चिंतक शामिल थे,बैठक की अध्यक्षता रक्तवीर नदीम खान एवं संचालन थैलेसीमिया पीड़ित परिजन सीमा देवी ने किया।

बैठक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली बेहद चिंताजनक,अराजक,अमानवीय एवं तुगलकी फ़रमान से झारखंड सरकार की फ़ज़ीहत बनी रहती है।
रांची सदर अस्पताल जो झारखंड की शान और लाइफ लाइन,झारखंड समेत अगल बगल के हिंदी पट्टी राज्य में कोई भी जिला अस्पताल रांची सदर अस्पताल जैसा नही,तभी देशव्यापी अवॉर्ड, सर्टिफिकेट से दर्जनों भर सम्मानित हुआ।
यह सब उत्कृष्ट उपलब्धि रांची सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार महोदय के सराहनीय और सहासिक नेतृत्व में हुआ,जो जन चिकित्सक पदाधिकारी के रूप में स्थापित है और उन्हें ही रांची सिविल सर्जन से हटा दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और झारखंड जनस्वास्थ्य विरोधी है।जबकि यह वरिष्ठ डॉ प्रभात कुमार को दो साल ही सेवानिवृत्ति का था यही से सेवानिवृत्त किया जा सकता था।मगर स्वास्थ्य विभाग में अधिकत्तर अधिकारी 10 से 15 वर्षों से अधिक एक ही कैंपस,एक ही जिला स्थापित है यह दोहरा मापदंड,जानकारी मिली है कि बहाल रांची सिविल सर्जन मात्र एक वर्ष में ही सेवानिवृत्त होंगे।इस अमानवीय-अराजक आदेश की आपाधापी क्यों।

इसी तरह से उत्कृष्ट कार्य की शुरुआत करने वाले लोकसेवक,अधिकारी को हटा दिया जाता रहा है जैसे प्रोजेक्ट डायरेक्टर,जैसेक्स आईएएस मृत्युंजय कुमार,प्रोजेक्ट डायरेक्टर-एमडी स्वास्थ्य विभाग आईएएस अबू इमरान महोदय जैसे झारखंड स्वास्थ्य विभाग में कई होंगे।

झारखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा कभी 1050 का ब्लड बेचने का आदेश,कभी सरकारी ब्लड बैंक बेचो,कभी ब्लड डोनर कार्ड बंद करो,कभी रक्तदान को प्रोत्साहन नही,कभी रक्तदान विकार-असाध्य रोग के बहुआयामी मुद्दों की समीक्षा नही,कभी रक्तदान आयोजक एवं रक्त विकार रोग-असाध्य रोग पीड़ितों-परिजनों संग चर्चा नही,झारखंड आज तक ब्लड की कितनी आवश्यकता और कितना आता है वह समीक्षा कभी नही,जैसेक्स के 10 पुराने आंकड़ों की कभी समीक्षा नही,जैसेक्स की कभी समीक्षा नही,कभी रिम्स कैंपस निजी जेनेरिक दवा दुकान बंद करो,कभी जेनेरिक दवा को प्रोत्साहन नही,कभी जन औषधि केंद्र की समीक्षा नही,कभी नई एम्बुलेंस महीनों तक कबाड़ स्थिति में पड़ी रही,कभी रिम्स निदेशक को हटाओ जैसे बीते सालों के फ़ज़ीहत भरी स्थिति रही है।

कौन है वह सनकी-अराजक-गैरजिम्मेदार- अमानवीय लोकसेवक,अधिकारी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग को खोखला कर रहा है।

अब झारखंड स्वास्थ्य पर आधारित जन समीक्षा होगी सर्वदलीय,सर्वधर्म,सामाजिक अगुआ, रक्तदान आयोजक,रक्तवीर,मरीजों,परिजनों, पीड़ितों,मानवाधिकार-सामाजिक-स्वास्थ्य- क़ानूनी कार्यकर्ता समेत देशव्यापी व्यक्तित्व संग।

बैठक मांग करती है कि “डॉ प्रभात कुमार को सेवानिवृत्त तक रांची सिविल सर्जन के रूप पुनः किया जाए” झारखंड स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को हटाया जाए,झारखंड स्वास्थ्य विभाग की जनसमीक्षा हो।

इन सभी पर 05 अगस्त को झारखंड राज्यस्तरीय प्रदर्शन झारखंड स्वास्थ्य विभाग(नेपाल हॉउस),डोरंडा में होगा।

बैठक में नदीम खान,संजय महतो,सुरंजन बाड़ा, जयनाथ महतो,मनोज सिंह,संजय झा,सीमा देवी, फ़रिहाया बिलकिस,रीना कच्छप,शकुंतला देवी, अकरम राशिद,मोजाहिद,साज़िद उमर,बब्बर, निखिल शर्मा,राजू शर्मा,नसीम अंसारी,सानिया प्रवीन,संजीत महतो शामिल थे।

….”लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन रांची/झारखंड थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक पीड़ित एसोसिएशन….
(संस्थापक रक्तवीर नदीम खान द्वारा जारी)

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