रांची के शिया मुसलमानों ने सऊदी अरब के खिलाफ प्रदर्शन किया
बीबी फातिमा के मजार निर्माण की मांग की: मौलाना तहजीब
वीडियो देखें 👆
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में रविवार 30 अप्रैल 2023 को शिया मुसलमानों ने सऊदी अरब के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मुसलमानों का यह प्रदर्शन चर्च रोड, स्थित मस्जिद ऐ जाफरिया रांची में हुआ। इस प्रदर्शन में लोग सऊदी हुकूमत और आतंकवादी विरोधी तख्तियां लेकर पहुंचे। बड़ी तादाद में मौजूद लोगों ने सऊदी अरब की हुकूमत के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगो ने मजार निर्माण करने का मांग किया। रांची में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड झारखंड के चेयरमैन व मस्जिद जाफरिया रांची के इमाम व खतीब मौलाना सैयद तहजीब उल हसन रिजवी की अगुवाई में हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों ने जन्नतुलबकी का जल्द निर्माण कराए जाने की मांग भारत सरकार के द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ से ज्ञापन भेजकर की।
मौलाना तहजीबुल हसन ने बताया कि सौ साल पहले सऊदी हुकूमत ने मदीना शहर में स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान के तमाम मजारों को तोड़ दिया था। इसमे हजरत फातिमा जहरा का भी मजार शामिल था। हर साल इस्लामी कैलेंडर के शव्वाल महीने की 8 तारीख को सऊदी हुकूमत की इस विध्वंसक करवाई के खिलाफ इंसाफ पसंद शिया मुसलमान सऊदी हुकूमत के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराते हैं।
साथ ही बीबी फातिमा जहरा के मजार का फिर से निर्माण कराने की मांग हम करते हैं। मौलाना तहज़ीब उल हसन ने सऊदी शासन की कड़े शब्दों में निंदा की। कहा कि जन्नतुल बकी शिया अकीदे के लिहाज से सबसे अहम कब्रिस्तान है। जब तक सऊदी अरब जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में स्थित पैगमबरे इस्लाम की सुपुत्री और उनके नातियों के कब्रों को फिर से निर्माण नहीं करवा देता, तब तक हम इसी तरह सऊदी शासन के खिलाफ हर साल प्रदर्शन करते रहेंगे।

You Might Also Like
این ایس یو آئی میں نئی ذمہ داری: امن شہزاد رانچی دیہی ضلع کے صدر مقرر
رانچی: کانگریس کی طلبہ تنظیم این ایس یو آئی (NSUI) نے چانہو بلاک کے پنڈری گاؤں سے تعلق رکھنے والے...
ریا ستی سطح کی علمی و ادبی تنظیم جھارکھنڈ ساہتیہ سنگم نے ڈاکٹر بشیر بدر کی وفات پر تعزیتی نشست کا انعقاد کیا ۔
رانچی ۔ پی آر ۔ ریاستی سطح کی علمی و ادبی تنظیم جھارکھنڈ ساہتیہ سنگم کے زیر اہتمام جھارکھنڈ کی...
ईद-उल-अज़हा कुर्बानी,सुपुर्दगी,रजा और इंसान को इंसानियत का पैगाम देने एवं समाज में भाईचारा और मोहब्बत फैलाने का नाम यह त्यौहार है:असलम
ईद-उल-अज़हा हमें सिर्फ एक त्योहार पर्व के रूप में मनाने के लिए अल्लाह ने इस दिन को मुकर्रर नहीं किया...
یہی مقصود فطرت ہے یہی رمز مسلمانی
محمد قمر عالم قاسمی شہر قاضی رانچی جھارکھنڈ سرکار عید الاضحیٰ اسلامی اقدار وروایات ، تہذیب و ثقافت کا ایک...











