Ranchi Jharkhand

महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पासवा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आलोक कुमार दूबे हुए सम्मानित

पासवा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आलोक कुमार दूबे झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सम्मानित!

पासवा के चेयरमैन श्री आलोक कुमार दूबे को झारखंड की शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं जन-जन तक पहुंचाने के लिए दिया गया विशिष्ट सम्मान!

संपूर्ण पासवा परिवार में खुशी की लहर!

झारखंड के वित्त मंत्री माननीय डॉक्टर रामेश्वर उरांव एवं पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायाल अहमद ने प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी!

आज दिनांक 22 नवंबर 2023 को झारखंड विधानसभा की 23वीं वर्षगांठ के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल महामहिम श्री सी पी राधाकृष्णन, झारखंड के मुख्यमंत्री माननीय श्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री रविंद्र नाथ महतो जी द्वारा झारखंड विधानसभा के विशेष अधिवेशन में पासवान के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार दुबे जी को मेडल तथा प्रशस्ति पत्र द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए यह गौरवमई सम्मान प्रदान किया गया।

झारखंड में निजी विद्यालयों के हित में कार्य कर रही सबसे बड़ी संस्था पासवा के चेयरमैन श्री आलोक कुमार दूबे जी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके पूर्व प्रयास के लिए सम्मानित किया गया।

कोविड-19 महामारी के दौरान जब पूरी शैक्षणिक व्यवस्था ठप्प हो गई थी तब पासवा के चेयरमैन आलोक कुमार दूबे ने पठन-पाठन को लेकर काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। बच्चों के स्कूल खुलवाने से लेकर अभिभावक ,शिक्षक एवं स्कूलों में जागरूकता पैदा करने का काम पासवा ने किया था।दुनिया के दरवाजे पर कोरोना वायरस की दस्तक ने खतरे की घंटी बजाई थी और तब महामारी का शिक्षा पर सबसे गंभीर प्रभाव पड़ा था।शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए, परीक्षाओं की अनिश्चितता और स्थगन बच्चों और युवाओं के भविष्य पर ग्रहण लगा गया था। चिंता, क्रोध,भ्रम और अभिघातजन्य तनाव के कारण बच्चे बुरी तरह से प्रभावित हो रहे थे।महामारी के दौरान सभी बच्चों के पास जरूरी अवसर, साधन या पहुंच नहीं थी। अप्रत्याशित महामारी से शिक्षा की भरपाई करने के लिए सरकार के पास भी संसाधन नहीं थे। भोजन और आवास से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच पासवा ने स्पष्ट रूप से कहा देश में सब काम हो रहे हैं सिवाय पठन-पाठन के,अगर स्कूल नहीं खुले, पढ़ाई नहीं हुई तो देश 1947 के दौर में प्रवेश कर जाएगा।
आम जनमानस को अपने नौनिहालों को स्कूल भेजने के लिए तैयार करना और सरकार को स्कूल खोलने के लिए तैयार करना यह कोई साधारण काम नहीं था।पठन पाठन को लेकर हमने माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी ,माननीय वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव जी, तत्कालीन शिक्षा मंत्री माननीय जगन्नाथ महतो जी,आपदा प्रबंधन सह स्वास्थ्य मंत्री माननीय बन्ना गुप्ता जी,मुख्य सचिव माननीय सुखदेव सिंह, अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज से कई बार मुलाकात की एवं स्कूल खोलने का अनुरोध किया। माननीय मुख्यमंत्री, माननीय तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने हमारे अनुरोध और हमारे विचारों को अंगीकृत करते हुए सबसे पहले देश में झारखंड की सरकार ने स्कूल संचालन करने का निर्णय लिया था और झारखंड की तर्ज पर ही देश के दूसरे हिस्सों में भी स्कूल संचालन की अनुमति दी गई थी। स्कूल खोलने के निर्णय के साथ ही अभिभावकों और बच्चों में खुशी की लहर देखते ही बन रही थी, अभिभावकों,बच्चों ने पासवा के प्रयासों की सराहना की, इतना ही नहीं स्व.जगन्नाथ महतो जी ने तो यहां तक कह दिया था कि स्कूल खोलने एवं पठन पाठन चालू करने के लिए सिर्फ पासवा के ही लोग हमारे पास आते थे।स्कूल खोलने के साथ साथ पासवा ने पूरे राज्य में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर बच्चों के सुरक्षा की भी जिम्मेदारी ली एवं सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्कूलों में चलंत अस्पताल का स्वरूप हो और सभी ऐहतियात बरतें जाऐं। कोरोना वायरस से बचाव करते हुए राज्य के सभी स्कूलों में पासवा के पदाधिकारियों द्वारा संचालन की जिम्मेदारी उठाई गई ताकि किसी प्रकार के संकट होने पर तुरंत उसका समाधान किया जा सके, हमारी कोशिश ने स्कूलों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ।इतना ही नहीं टीकाकरण में भी पासवा ने सरकार को सहयोग किया,विशेषकर स्कूली बच्चों को टीका दिलाने में पासवा ने निजी विद्यालयों में सेंटर खोलकर सहायता की।माननीय मुख्यमंत्री ने पासवा के अनुरोध पर पहली कक्षा से लेकर 10 वीं,12 वीं सभी परीक्षाओं को अतिशीघ्र लेने का आदेश दिया।


कोरोना महामारी की समाप्ति के उपरांत भी पासवा ने अपने इस अभियान को जारी रखा। सोशल मीडिया, इंटरनेट एवं मोबाइल के बढ़ते दुष्प्रभाव से बच्चों को सुरक्षित रखने की अभिभावकों की चिन्ता को दूर करने के लिए भी पासवा ने बखूबी निर्वहन करने की ज़िम्मेदारी उठाई एवं राज्य में शैक्षणिक माहौल एवं वातावरण तैयार करने में अहम भूमिका निभाई ताकि बच्चे मोबाइल से दूरी बना सकें।पासवा द्वारा राज्य के सभी 47 हजार निजी विद्यालयों में कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित कर जरुरत पर ही मोबाइल का इस्तेमाल करने एवं हो रहे नुकसान पर बच्चों का ज्ञानवर्धन किया गया। इतना ही नहीं पासवा ने कोरोना महामारी रहते हुए 2020 एवं 2021 में तथा 2022 एवं 2023 में हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में 10 वीं एवं 12 वीं के हजारों बच्चों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया तो वहीं दूसरी ओर दीक्षांत मंडप एवं आर्यभट्ट सभागार में हजारों सीबीएसई , आईसीएसई,जैक बोर्ड के शिक्षकों को कोरोना कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया तो साथ ही साथ झारखण्ड के दूसरे जिले जमशेदपुर, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा सहित कई जिलों में शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए बच्चों, शिक्षकों,अभिभावकों को एक मंच पर एक साथ लाने का काम किया और छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया एवं शिक्षकों को भी शिक्षक सम्मान समारोह से नवाजा गया।इन कार्यक्रमों में कहीं विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो,वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव जी,पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद,कहीं माननीय मंत्री हफीजुल हसन जी,कहीं माननीय श्रम मंत्री सत्यानन्द भोक्ता जी,माननीय सांसद धीरज प्रसाद साहू जी के साथ साथ सैंकड़ों निजी एवं सरकारी विद्यालयों के संचालक, प्रिंसिपल,शिक्षा विद,रांची विश्वविद्यालय के कुलपति,जैक बोर्ड के चेयरमैन की गरामामयी उपस्थिति से एक मजबूत संदेश गया तो मुख्यमंत्री का बीच बीच में मार्गदर्शन से उर्जा का संचार हुआ।


अस्पतालों में रक्त की कमी दूर करने के लिए भी पासवा ने मेघा रक्तदान शिविर का आयोजन कर गरीबों के लिए रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में रक्त की कमी को दूर करने का प्रयास किया।साथ ही साथ अन्य कई सामाजिक कर्तव्यों का भी आलोक दूबे ने निर्वहन किया। ड्रग्स के शिकार हो रहे बच्चे,तेज रफ्तार से बाइक व मोटरसाइकिल से बच्चों की हो रही दुर्घटना एवं बाल विवाह जैसे सामाजिक कुरीतियों पर भी पासवा जागरुकता का काम कर रही है।
आलोक दूबे ने कहा झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस के गौरवशाली समारोह में प्राप्त सम्मान के साथ मैं और मेरी संस्था और अत्यधिक उमंग,उत्साह, दृढ़ता एवं ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
झारखण्ड पासवा द्वारा शिक्षा को लेकर किए गये अभूतपूर्व कार्यों के लिए 10 वें राष्ट्रीय अधिवेशन जयपुर में 18 जून 2022 को झारखण्ड पासवा चेयरमैन आलोक कुमार दूबे को सर्वश्रेष्ठ प्रदेश अध्यक्ष का खिताब भी मिल चुका है।


झारखण्ड सरकार के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव,पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद,डीएभी के पूर्व डायरेक्टर एल.आर.सैनी, सहोदया के अध्यक्ष राम सिंह,डीएभी डायरेक्टर एम.के.सिन्हा,झारखण्ड पासवा के उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव,बिपीन कुमार, महासचिव नीरज सहाय, डॉ राजेश गुप्ता छोटू, विद्या गौतम,सचिव संजय प्रसाद,तौफिक अंसारी,रांची महानगर अध्यक्ष डॉ सुषमा केरकेट्टा, लोहरदगा जिला अध्यक्ष माजिद आलम,गुमला जिला अध्यक्ष कल्याणी टेटे, हजारीबाग जिला अध्यक्ष ज्ञानेश्वर दयाल,चतरा जिला अध्यक्ष प्रवीण प्रकाश, बोकारो जिला अध्यक्ष श्रीमती अनामिका सिंह, धनबाद जिला अध्यक्ष मो. जिन्ना,पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष रमण झा, गिरीडीह जिला प्रभारी अभय कुमार,देवघर जिला अध्यक्ष श्रीमती जया बर्मा,गोड्डा जिला अध्यक्ष मनोज झा,कोडरमा जिला अध्यक्ष डॉ बीएनपी वर्णवाल,जेमसा के अध्यक्ष सैयद अंसारुल्लाह, उपाध्यक्ष मेहताब अंसारी,सचिव मो.उस्मान,सह सचिव मसूद कच्छी,मो.अर्श, वरिष्ठ पासवा पदाधिकारी आलोक बिपीन टोप्पो,कैलाश कुमार,रुपेश कुमार,अमीन अंसारी,मनोज भट्ट,गुलाम गौश,बच्चन पाण्डेय,श्रीमती डोलन चौधरी,नेसार अंसारी,मनीषा सिंह,मींकू प्रसाद,मेघाली सेन गुप्ता,उमेश प्रसाद मेहता सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने एवं प्रदेश अध्यक्षों ने आलोक दूबे को बधाई दी है ‌

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