मर्कज अदब-ओ-साईस और हलका अदब अंजुमन तहरीक उर्दू के संयुक्त दीक्षांत समारोह (कॉन्वोकेशन) और सेमीनार का आयोजन


रांची: मर्कज अदब-ओ-साईस और हल्के अदब अंजुमन तहरीक उर्दू ने आज, रविवार, 21 जून को मौलाना अबुल कलाम आजाद हॉल, अंजुमन प्लाजा मेन रोड, रांची में 22वां दीक्षांत समारोह (कॉन्वोकेशन) और फिर “प्रोफेसर अहमद सज्जादः हयात-व-खिदमात” पर एक सेमीनार का आयोजन किया।

मर्कज अदब-ओ-साईस संस्था के सचिव डॉ० तारिक सज्जाद ने बताया कि मर्कज के 22वें दीक्षांत समारोह में एक वर्षीय कम्पयूटर डिप्लोमा कोर्स में कामयाब होने वाले कुल 117 विध्यार्थीयों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिनमें 14 टॉपरज के नाम इस तरह सम्मिलित हैं। सज्जाद कम्पयूटर, बरियातू से सेशन जुलाई 2024 में पहला टॉपर बुशरा प्रवीन और रोशन प्रवीन, दूसरा टॉपर एहतिशाम सबा, तीसरा टॉपर सानिया प्रवीन हैं। सेशन जनवरी 2025 से पहला टॉपर रफत प्रवीन, दूसरा टॉपर नयन गोप और तीसरा टॉपर अमन खान हैं।

सज्जाद इंस्टीटियूट थरपखना सेंटर के जुलाई 2024 बैच से पहला टॉपर जोया फर्खन्दा, दूसरा टॉपर कशफ आफरीन और तीसरा टॉपर सिमरन आर्या और मुहम्मद तारिक अनवर हैं। जनवरी 2025 सेशन से पहला टॉपर आकाश कुमार रखी, दूसरा टॉपर मुहम्मद अजहान अली और तीसरा टॉपर सूरज कुमार हैं। इनके अलावा, जेएसएस-स्किल इंडिया के तहत दो पाठ्यक्रमों “डेटा एनालिसिस असिस्टेंट” और “ऑफिस असिस्टेंट” के कुल 40 छात्रों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

मर्कज अदब-ओ-साईस संस्था साहित्य, तुलनात्मक धार्मिक अध्य्यन, करियर गाइडेंस और प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रकाशण जैसे जरूरी क्षेत्र में काम करता है। नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक शिक्षा और नौकरी से जोड़ने के लिए, राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद, भारत सरकार और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, भारत सरकार के सहयोग से पिछले 25 सालों से चलाए जा रहे एक साल के कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स के ग्रेजुएट्स की संख्या 20000 से अधिक है, जिनमें से हजारों अलग-अलग सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ विदेशों में भी नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि CABA_MDTP के एक साल के डिप्लोमा कोर्स में जुलाई सेशन के लिए एडमिशन चल रहा है। वहीं, अंजुमन तहरीक उर्दू झारखंड के प्रेसिडेंट डॉ०. वकील अहमद रिजवी और हल्का अदब के प्रेसिडेंट इंजीनियर सैयद उजैर अहमद ने बताया कि “प्रोफेसर अहमद सज्जादः हयात-व-खिदमात” पर एक राज्यस्तरीय सेमीनार भी आयोजित किया गया। जिसमें जाने-माने बुद्धिजीवियों ने मरहूम की अकादमिक, साहित्य, और समाजिक सेवा पर आलेख प्रस्तुत किए। इस मौके पर, रांची यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के पूर्व हेड और ह्यूमैनिटीज के डीन, प्रोफेसर मंजर हुसैन ने अहमद सज्जाद पर अपना मुख्य भाषण दिया।

प्रोग्राम के प्रेसिडेंट रांची यूनिवर्सिटी, रांची के पूर्व वाइस चांसलर, प्रोफेसर अनवार अहमद खान थे। आलम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रांची के चेयरमैन, श्री डॉ. मजीद आलम ने उस प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। जबकि गेस्ट ऑफ ऑनर श्री शाहनवाज खुर्रम, NCPUL, नई दिल्ली, श्री मंजूर अहमद अंसारी, पूर्व चेयरमैन माइनोरिटीज कमीशन, झारखंड सरकार, श्री सैयद मुहम्मद नैयर रिजवी, IIS (रिटायर्ड), पूर्व डिप्टी डायरेक्टर, PIB. श्री आसिफ इकराम, डायरेक्टर कल्चर,

झारखंड सरकार, श्री शब्बीर अहमद, एडिशनल सेक्रेटरी, लेबर एंड एम्प्लायमेंट, झारखंड सरकार और इश्तियाक अहमद, एडिशनल सेक्रेटरी, पर्सनेल, झारखंड सरकार, थे। मर्कज अदब-ओ-साईस के दोनों संस्था (सज्जाद कंप्यूटर, बरियातू और सज्जाद इंस्टीट्यूट, थरपखना) के जिम्मेदार लोग, संस्था के सचिव डॉ० तारिक सज्जाद, अध्यक्ष डॉ० रुबीना नसरीन, सेंटर मैनेजर मुहम्मद यूसुफ अंसारी, सेंटर सुपरवाइजर अब्दुर्रहमान और वरिष्ठ शिक्षक गुलनाज परवीन, रख्शिंदा परवीन, इमरान खान, मुहम्मद इरशाद और दूसरे स्टाफ उपस्थित थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ज्ञान और साहित्य के चाहने वालों ने भाग लिया और श्री सोहेल सईद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह समाप्त हुआ।









