शिक्षा मंत्री से मिला मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल, उर्दू भाषा सहित 22 सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन


रांची। झारखंड में क्लस्टर योजना के तहत कुछ कॉलेजों से उर्दू विषय को हटाए जाने के प्रस्ताव तथा मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर मंगलवार को एक मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात कर उन्हें 22 सूत्री मांग-पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंजूर अहमद अंसारी ने किया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रौशन लाल भाटिया तथा मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत, झारखंड के प्रदेश संयोजक खुर्शीद हसन रूमी, डॉ तारिक सज्जाद भी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को बताया कि क्लस्टर योजना के तहत राम लखन सिंह यादव कॉलेज, कोकर तथा पीपीपी कॉलेज, बुंडू सहित कुछ संस्थानों से उर्दू विषय को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि इससे उर्दू भाषा और उर्दू भाषी विद्यार्थियों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने सरकार से उर्दू विषय को यथावत बनाए रखने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को मुस्लिम समाज से जुड़े 22 सूत्री मांग-पत्र भी सौंपा और आग्रह किया कि इन मांगों पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से इस संबंध में बातचीत करेंगे तथा सभी मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए समाधान निकालने का प्रयास करेंगे, ताकि राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय को सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से भीड़ हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा एवं आश्रितों को नौकरी, 10 जून 2022 को रांची में पुलिस फायरिंग में मारे गए युवकों के परिजनों को मुआवजा और रोजगार, निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, 8,000 उर्दू सहायक आचार्यों की शीघ्र नियुक्ति, बंद किए गए उर्दू विद्यालयों की पुनर्स्थापना, उर्दू भाषा की पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, मदरसा बोर्ड एवं उर्दू अकादमी के गठन, मदरसों और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आवश्यक मान्यता, अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ाने, अल्पसंख्यक वित्त निगम को प्रभावी बनाने, जिला एवं राज्य स्तरीय 15 सूत्री क्रियान्वयन समिति के गठन, बुनकरों को सरकारी खरीद एवं योजनाओं से जोड़ने, कब्रिस्तानों, इमामबाड़ों, दरगाहों एवं कर्बला की भूमि का पट्टा निर्गत करने तथा अबुआ आवास योजना का लाभ बुनकर समुदाय तक पहुंचाने, मोबलिंचिंग मे मारे गये बे गुनाहो के परिजनों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलना, सहित कई मांगें शामिल हैं।प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार मुस्लिम समाज की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करेगी और उर्दू भाषा तथा अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।








