Tuesday, June 18, 2024
Jharkhand News

सरकार रक्तदान,रक्तदान के क्रियान्वयन एवं नीतिगत मुद्दें सहित जनजागरुकता के एजेंडे पर संवेदनशील हो: लहू बोलेगा

रक्तदान संगठन “लहू बोलेगा संस्था”रांची झारखंड सरकार से अपील करती है कि रक्तदान को हेमंत सरकार एजेंडा बनाएं जो अभी तक एजेंडा नही बना है जिसका उदाहरण है कि सालों साल से रक्तदान पर व्यवहारिक-तार्किक गंभीर ज्वलंत मुद्दें मौजूद है जिसका एक उदाहरण यह भी है कि आठ महीनें पूर्व यानि 27 सितंबर 2022 को प्रेस क्लब रांची में माननीय स्वास्थ्य मंत्री झारखंड एवं माननीय विधायक कॉमरेड विनोद सिंह सहित कई झारखंड राज्यस्तरीय सम्मानित सामाजिक-धार्मिक व्यक्तित्व की उपस्थिति में रक्तवीर सह उत्कृष्ट मानवीय सेवा सम्मान समारोह-2022 हुआ था,जिसमें 08 सूत्री न्यायोचित प्रस्ताव/मांग सभी सम्मानित व्यक्तित्व की उपस्थिति में सर्वसम्मति से हाउस से पारित हुआ था,मगर अभी तक माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय के द्वारा नतीजा असंवेदनशील और ज़ीरो रहा है,जिसपर हम सभी रक्तदाता, रक्तदान संगठन चिंतित है.
1.जिसमें झारखंड सरकार के आदेश 2018 के अनुसार रिम्स,सदर अस्पताल एवं झारखंड के सभी सरकारी-निजी हॉस्पिटल में भर्ती मरीज़ को हॉस्पिटल प्रबंधक ब्लड सुनिश्चित करें.
2.झारखंड सरकार 2018 के अनुसार सरकारी कर्मी को साल में चार बार रक्तदान करने.
3.झारखंड में ब्लड डोनर रिप्लेसमेंट कार्ड”डोनर कार्ड” व्यवहारिकता-तार्किकता के साथ पूर्व की भांति शुरु किया जाए,जो पिछले 54 महीनों से बंद है।
4.झारखंड के सरकारी ब्लड बैंक,रिम्स,सदर अस्पताल ब्लड बैंक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी को बुनियादी सुविधाओं के साथ अत्याधुनिक मशीन,सुसज्जित कर मॉडल ब्लड बैंक बनाया जाए,विशेषकर सदर अस्पताल ब्लड बैंक,रांची एवं रेड क्रॉस सोसाईटी, रांची को और मॉडल रहें रिम्स ब्लड बैंक की समीक्षा की जाए.
5.झारखंड में अभी तक एकलौती सहज़, वातानुकूलित वॉल्वो बस”रेड बस” है,जिसे 24 जिलों के लिए रक्तदान शिविर एवं रक्तदान जनजागरूकता के लिए अविलंब खरीदा जाए.फ़िलहाल एक महीनें से ख़राब पड़ी रेड बस को ठीक किया जाए.
6.झारखंड में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया जाए एवं तार्किक, व्यवहारिक,वैज्ञानिक,मानवीय एवं मनोवैज्ञानिक रूप में सहज़ भाषा में हो।
हिंदी,उर्दू,झारखंड की भाषाओं यानि क्षेत्रीय भाषाओं में भी हो जो जनजागरूकता में कारगार हो सकें.
7.झारखंड के नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान संगठनों की बैठक कराई जाए.
8.झारखंड में जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहित किया जाए,रिम्स,सदर अस्पताल के डॉक्टरों को जेनेरिक दवाओं को लिखने का आदेश दिया जाए एवं झारखंड भर के निबंधित डॉक्टरों को जेनेरिक दवा लिखने की अपील किए जाने सहित प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र को मजबूत कर सभी तरह की आवश्यक दवाई सुनिश्चित हो.
झारखंड के माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्रीमान बन्ना गुप्ता जी से कई बार लहू बोलेगा एवं अन्य रक्तदान संगठन मिलकर बताएं मगर नतीजा जीरो रहा,हर बार देखते है करते है,महान व्यक्तित्व का उदाहरण,धार्मिक ग्रन्थों का आश्वासन जैसा केवल आश्वासन देते रहें.
माननीय से अनुरोध है कि इसपर गंभीर पहल किया जाए,दिन ब दिन और समस्याएं बढ़ भी रही है.
लहू बोलेगा अपील करती है कि अब माननीय स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता महोदय इस 08 सूत्री सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव पर न्यायोचित-व्यवहारिक-तार्किक मुद्दों पर क्रियान्वयन का आदेश निर्गत करें.
नदीम खान,इंजीनियर शाहनवाज आलम,मो बब्बर,डॉ दानिश रहमानी,मो आसिफ अहमद,साज़िद उमर,साक़ीब ज़िया,तौसीफ़ खान,नसीम खान,इसहाक़ बब्लू,नौशाद अंसारी.
……नदीम खान,संस्थापक, लहू बोलेगा संस्था,रांची(जनस्वास्थ्य पर कार्यरत,सामाजिक संगठन) द्वारा जारी……

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