Tuesday, May 21, 2024
Ranchi Jharkhand News

झारखंड के हज यात्रियों के लिए रांची से शुरू हो फ्लाइट: सुदेश महतो।

रांची: झारखंड से हज यात्रा 2024 के लिए पूर्व की भांति इम्बार्केशन प्वाइंट रांची करवाने को लेकर मरहबा ह्यूमन सोसायटी का प्रतिनिधिमंडल पूर्व उप-मुख्यमंत्री सह आजसू पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार महतो से उनके आवास पर मिले और मांग पत्र सौंपा।
मरहबा ह्यूमन सोसायटी के सचिव मो नेहाल अहमद ने बताया कि झारखंड कि राजधानी रांची को इम्बार्केशन प्वाइंट वर्ष 2009 में बनाया गया था और तब से लेकर वर्ष 2019 तक लगभग हर वर्ष 3000- 3200 हज यात्री हज करने के लिए रांची से जेद्दा फ्लाइट से जाए करते थे।
लेकिन कोविड -19 के कारण वर्ष 2020-2021 में हज यात्रा पर रोक लग गया और आवेदन करने के बावजूद यात्री हज में यात्री नही जा सके, इधर वर्ष 2022 में रांची से इम्बार्केशन प्वाइंट हटा दिया गया और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) बना दिया गया और झारखंड के लगभग 3000 हज यात्रियों को आर्थिक मानसिक शारीरिक परेशानियों का सामना करते हुए हज के लिए कोलकाता से जेद्दा जाना पड़ा।
वर्ष 2023 में दोबारा रांची को इम्बार्केशन प्वाइंट बनाकर जेद्दा के लिए सीधी फ्लाइट हज यात्रियों को उपलब्ध कराने का घोषणा किया गया और हज आवेदन के साथ पैसे भी लिए गए लेकिन अंतिम समय में रद्द कर दिया गया।
जिसके कारण झारखंड के हज यात्रियों को शारीरिक और आर्थिक नुकसान के साथ कोलकाता से जेद्दा हज यात्रा में जाना पड़ा।
उन्होंने बताया देश के लगभग सभी राज्यों में इम्बार्केशन प्वाइंट है और वर्ष 2009 से 2019 तक झारखंड रांची में भी हुआ करता था लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार के उपेक्षा के कारण रांची को इम्बार्केशन प्वाइंट नही बनाया जा रहा।
पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने झारखंड के हज यात्रियों कि परेशानियों पर चिंता जताते हुए कहा कि हज यात्रियों को अपने राज्य से ही हज यात्रा में जाने का अवसर मिलनी चाहिए, रांची में इम्बार्केशन प्वाइंट फिर से मिले ताकि फ्लाइट से हजयात्री रांची से सीधे जेद्दा जाए इसके लिए पूरा प्रयास करुंगा।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी के तरफ से एक प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय उड्डयन मंत्री और राज्यपाल से जल्द मिलेंगे।
इस मौके पर आजसू पार्टी के केन्द्रीय संगठन सचिव एस अली, शाहजहां मंसूरी, मरहब सोसायटी के नैय्यर शहाबी, हाजी शाहिद प्रवेज, तलहा तनवीर हैदरी, नजमुल आरफीन आदि शामिल थे।

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