अभिनंदन ट्रस्ट की शिक्षा सहायता एवं रोजगार योजना पर चेयरमैन का संबोधन


रांची: अभिनंदन ट्रस्ट के हर प्रयास के पीछे केवल एक उद्देश्य होता है कि समाज के लोगों की किस प्रकार सहायता की जा सके। आज हर माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं। वे अपनी जरूरतों में कटौती करके भी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके।
लेकिन एक दुखद स्थिति यह है कि जब बच्चे बड़े होकर 20, 25 या 30 वर्ष की आयु में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, तब लाखों रुपये की आवश्यकता होती है। उस समय माता-पिता की उम्र 50 से 60 वर्ष के बीच हो जाती है। इस उम्र में कमाई के साधन सीमित हो जाते हैं और अधिकांश परिवारों के पास पर्याप्त बचत भी नहीं होती। अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद कई बच्चे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।इसी समस्या के समाधान के लिए अभिनंदन ट्रस्ट द्वारा शिक्षा सहायता योजना शुरू की गई है।
यह योजना आज भारत के सभी राज्यों में प्रारंभ की जा चुकी है। पंचायत, वार्ड और ब्लॉक स्तर पर हमारे कार्यकर्ता लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति दिए गए संपर्क नंबर, वेबसाइट अथवा रोष्पा टावर स्थित कार्यालय में आकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जिस प्रकार सरकार विभिन्न योजनाओं को चलाने के लिए कर (टैक्स) पर निर्भर रहती है, उसी प्रकार अभिनंदन ट्रस्ट की योजनाएं भी लोगों के सहयोग और दान से संचालित होती हैं।
हमारी संस्था के साथ 35 देशों के व्यवसायियों की टीम जुड़ी हुई है। आगामी 14 तारीख को नेपाल में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 18 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। संस्था द्वारा संचालित सभी योजनाएं जनसहयोग और दान की राशि से ही चलाई जाती हैं।
अभिनंदन ट्रस्ट केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। आज देश में बड़ी संख्या में शिक्षित युवा बेरोजगार हैं। उनके पास डिग्री है, योग्यता है, लेकिन उन्हें मनचाहा रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी ट्रस्ट कार्य कर रहा है।
मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूँ कि किसी भी योजना या संस्था से जुड़ने से पहले उसे अच्छी तरह समझें। केवल वीडियो देखकर या किसी के कहने पर निर्णय न लें। स्वयं कार्यालय आएं, जानकारी प्राप्त करें, समझें और संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ें। ईश्वर ने आपको सोचने और समझने की क्षमता दी है, उसका उपयोग करें।








