खानकाह-ए-मज़हरिया मुनअमिया में सजी गौसुल आज़म की रूहानी महफिल, सैकड़ों अकीदतमंदों ने की शिरकत


हल्का-ए-ज़िक्र, तिलावत-ए-कुरआन और मनकबतख्वानी से नूरानी हुआ माहौल, नियाज़-ए-खास और तबर्रुकात किए गए तकसीम
रांची: खानकाह-ए-मज़हरिया मुनअमिया, फिरदौस नगर, मणिटोला, डोरंडा में जुमेरात को हुजूर गौसुल सकलैन, कुतुबुल आफताब, कुतबे रब्बानी, महबूबे सुब्हानी हजरत सैयदना शेख अब्दुल कादिर जिलानी रहमतुल्लाह अलैह की नज़र की मजलिस का अकीदत और एहतराम के साथ आयोजन किया गया। खानकाह के अराकीन की ओर से आयोजित इस मजलिस की सरपरस्ती सज्जादानशीन हजरत अल्लामा व मौलाना अल्हाज सैयद शाह अलकमा शिब्ली कादरी अबुल ओलाई ने की।
मजलिस में रांची शहर के विभिन्न मोहल्लों से सैकड़ों आशिकान-ए-औलिया और अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक, हल्का-ए-ज़िक्र, नातख्वानी और मनकबतख्वानी का सिलसिला जारी रहा। जिक्र-ए-इलाही और बुजुर्गाने दीन की शान में पेश की गई मनकबतों से पूरी खानकाह का माहौल रूहानी और नूरानी हो उठा। अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ मजलिस में शिरकत कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
मजलिस के दौरान नियाज़-ए-खास और तबर्रुकाते गौसिया अकीदतमंदों के बीच तकसीम किए गए। अंत में सलातो-सलाम पेश किया गया और मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे, खुशहाली तथा इंसानियत की सलामती के लिए दुआ-ए-खैर की गई। इसके साथ ही मजलिस का समापन हुआ।
इस मौके पर मौलाना सैयद शाह अबू राफे तिबरानी, सैयद अबू कहाफा हेजाजी कादरी, सैयद जैन कादरी, सैयद जिदान कादरी, मोहम्मद कमरू, मोहम्मद सिब्तैन असदकी, मोहम्मद फुरकान असदकी, मोहम्मद कमरुज्जमा कादरी, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद शब्बीर, मोहम्मद आलम, मोहम्मद अदनान समेत सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।








