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एसआईआर के माध्यम से विरोधियों को कमजोर करने की साजिश रच रही है भाजपा:- जुनैद अनवर

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चुनाव आयोग की गरिमा के साथ हो रहा है खिलवाड़, आयोग के कंधे पर रख कर भाजपा चला रही है बंदूक.

झारखण्ड में मुसलमानों, आदिवासियों और ईसाइयों के नाम वोटर लिस्ट से काटने का चल रहा है षड़यंत्र.

पहले वोटर लिस्ट में नाम काट कर, कुछ दिनों में कर देगें घुसपैठिया घोषित और फिर भेज देंगे ट्रांजिट कैंप.

रांची:- झारखण्ड मुक्ती मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य जुनैद अनवर ने झारखण्ड के मुसलमानों आदिवासियों और ईसाइयों को भाजपा की साजिश से सचेत रहने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में विरोधी वोटरों का एसआईआर के माध्यम से नाम काटने की साजिश किया है, उसी तरह का प्रयोग करने की तैयारी झारखंड में भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा को वोट नहीं देने वालों का नाम वोटर लिस्ट से काटने का षड्यंत्र चल रहा है. आगे उन्होंने कहा कि अगर हम सब सचेत रह कर एसआईआर के औपचारिकता को पूरा नहीं किए, तो बड़ा नुकसान हो सकता है. यह एसआईआर-एनआरसी और सीएए का ही ट्रेलर है. एसआईआर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. उन्होंने कहा कि आज अगर हम चूक जाते हैं, तो कार्यालयों का चक्कर काटना होगा. जुनैद अनवर ने कहा की इस घड़ी में सामाजिक संस्थाओ, अंजुमनों का दाईत्व बढ़ गया है. उन्हें टोला और मुहल्ला स्तर पर अपने युवाओं को एसआईआर प्रक्रिया में लगाए जाने का आह्वान किया. जिससे एक भी योग्य वोटर का नाम छूट ना पाए. जिससे भाजपा के षड्यंत्र को नाकाम किया जा सके. केंद्रीय समिति सदस्य ने कहा कि हम सब ने देखा है कि चुनाव आयोग किस तरह भाजपा के पक्ष में काम कर रही है. उच्यतम न्यायालय के आदेशों तक को दरकिनार किया जा रहा है. और यह भी देखा गया कि पश्चिम बंगाल में 27 लाख लोगों ने नाम काटे जाने व मतदाताओं के द्वारा दस्तावेज जमा करने के बाद भी चुनाव के दो दिन पहले चुनाव आयोग ने मात्र 139 लोगों के नाम ही जोड़ कर बाकी योग्य मतदाताओं के संवैधानिक मत देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया. जुनैद अनवर ने यह भी कहा कि देखा गया कि कई बीएलओ के द्वारा यह खुलासा भी किया गया कि एक विशेष समुदाय के नामों को काटने का दबाव दिया जा रहा है. इस दबाव में 20 से अधिक बीएलओ ने अपनी जान दे दी. इसलिए झारखंड के सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं यथा सभी अंजुमनों, मस्जिद कमिटियों, सामाजिक संगठनों, मोहर्रम कमिटियों, नवजवान कमिटियों, ग्राम प्रधान, पड़हा समाज, सरना समिति, सरहुल समिति, सभी चर्च की कमिटी, सभी स्वयं सेवी संस्थाओं से आग्रह करता हूँ की इस एसआईआर को त्योहार के रूप में गंभीरता से लें. जिस तरह से हम ईद, बकरईद, मोहर्रम, करमा पूजा, सरहुलपूजा और क्रिसमस पूरी तन्मयता से मनाते हैं. एसआईआर को भी उससे कम गंभीरता से नहीं लें. जिससे हमारे नाम वोटर लिस्ट से काटने की जो साजिश हो रही है. उसे नाकाम किया जा सके. ऐसा करना इस देश की संवैधानिक संरचना को मजबूत करने की ओर हमारी एक पहल होगी.

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