एजुकेशनल टूर फीस विवाद में उतरा झारखंड टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, जांच की मांग


रांची: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के भूगोल विभाग में एजुकेशनल टूर के नाम पर प्रति छात्र 17,000 तक वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में छात्रों ने कुलपति से शिकायत कर जांच की मांग की है। मामले को लेकर टूर एंड ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ झारखंड ने छात्रों का समर्थन करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरदीप सहाय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पिछले कुछ वर्षों से रांची विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के भूगोल विभागों में टूर के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं।
झारखंड के बाहर के व्यक्तियों को टूर एजेंट के रूप में प्रस्तुत कर छात्रों से अधिक राशि वसूली जा रही है। ताजा मामले में केरल टूर के लिए जहां एसोसिएशन से जुड़े एजेंसियां 11,000 से 12,000 में यात्रा करा सकती हैं, वहीं विश्वविद्यालय स्तर पर 17,000 से 18,000 तक लिए जा रहे हैं। श्री सहाय ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी एजेंसियां किसी प्रकार का कमीशन नहीं देतीं, जिसके कारण उन्हें काम नहीं दिया जाता। जबकि जिन एजेंसियों पर शिकायतें हैं, उन्हें ही बार-बार जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। गौरतलब है कि एसोसिएशन के सभी सदस्य झारखंड पर्यटन विभाग से मान्यता प्राप्त हैं और लंबे समय से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज किया जाना सवाल खड़े करता है। श्री सहाय ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि छात्रों का आर्थिक शोषण रोका जा सके।








