आ गए हैं देखिये उमरा कर सारे खुशनसीब: कारी सोहेब


रांची, 12 अक्टूबर। उमरा की सआदत हासिल करने के बाद सना हज व उमरा सर्विस के डायरेक्टर हाफिज गुलशाद की कयादत में 47 जायरीन का काफिला सोमवार को रांची एयरपोर्ट पहुंचा। जायरीन की वापसी पर उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिजनों ने एयरपोर्ट पर गर्मजोशी के साथ इस्तकबाल किया। इस दौरान खुशी और अकीदत का माहौल देखने को मिला।
जायरीन की वापसी के मौके पर झारखंड के मशहूर कारी-ए-कुरआन हजरत कारी सोहैब अहमद ने एयरपोर्ट पर अपनी खूबसूरत नज़्म पेश की। उनके कलाम से माहौल रूहानी और जज़्बाती हो गया।
आ गए हैं देखिये उमरा कर सारे खुशनसीब
देखिए क़िस्मत सभी कि किया खूब है सबका नसीब
गुंबद ए खजरा के साये में रहे जो बा नसीब
है दुआओं का नतीजा जो हो गए रब के करीब
इस मौके पर जायरीन ने मक्का मुकर्रमा और मदीना मुनव्वरा की अपनी रूहानी यादें साझा कीं और उमरा की सआदत हासिल होने पर अल्लाह तआला का शुक्र अदा किया।
सना हज व उमरा सर्विस के डायरेक्टर हाफिज गुलशाद ने कहा कि सना हज उमरा ट्रेवल्स का मकसद रांची के साथ-साथ झारखंड के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए उमरा का सफर आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि उमरा जायरीन को मक्का मुकर्रमा और मदीना मुनव्वरा के विभिन्न मुकद्दस और तारीखी मुकामात की जियारत कराई जाती है। साथ ही ठहरने, मेडिकल सहायता, कपड़े धुलवाने समेत जरूरत के मुताबिक अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है।
हाफिज गुलशाद ने बताया कि वह और उनकी पत्नी सना नसीम हर ग्रुप के साथ रहते हैं, ताकि जायरीन को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। महिलाओं की सुविधा के लिए महिला गाइड की भी व्यवस्था रहती है। इस मौके पर जमीयत उलेमा झारखंड के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल कय्यूम कासमी, कारी सोहेब अहमद, मौलाना असजद, हाजी नसीम, समेत कई लोग उपस्थित थे।








