Saturday, July 13, 2024
Jharkhand News

बालासोर रेल हादसे के मृतकों को श्रृद्धांजलि, दोषियों को सजा की मांग, पहले हुई रेल दुर्घटनाओं से सबक लिया गया होता तो इतने लोगों की जान नहीं जाती

 

Ranchi: बालासोर रेल दुर्घटना में मारे गए यात्रियो और मजदूरों को आज रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर विभिन्न संगठनो ने श्रृद्धांजलि अर्पित किया। ऐक्टू,माले,बगाईच, इंसाफ मंच और आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यक्रताओं ने बड़ी संख्या में अपने हाथों में कैंडल जलाकर एक मिनट का मौन श्रृद्धांजलि अर्पित किया।  श्रृद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनाधिकार महासभा के फॉदर टोनी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आम लोगों का असमय मौत का शिकार हो जाना अत्यंत दुखद घटना है। तीन दिनों के बाद भी बिछडे यात्रियों का पता नहीं चलना मौत की पेश की जा रही संख्या पर भी सवाल खड़ा करता है। इसके दोषियों को कठोर सजा की मांग करते हैं। सभी मृतकों का सही पता लगाना, मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा की मांग करते हैं।
  भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य भुवनेश्वर केवट ने कहा कि ने बालासोर रेल दुर्घटना दुनियां की सबसे वीभत्स रेल दुर्घटनाओ में से एक है। दुर्घटना के बाद अब सुपर फास्ट बंदे भारत जैसे  ट्रेन के ज्यादा दुर्घटना मुक्त रेल की जरुरत ज्यादा है। मोदी सरकार के शासन में अबतक चार बडी रेल दुर्घटनाएं हुई है जिसमे तीन दुर्घटनाये यात्री ट्रेनों के मालगाड़ियों से टकराने से हुई है। मालगाड़ियों को यात्रियों से ज्यादा सुपर फास्ट बना दिया गया है। 

कैग की रिपोर्ट में सुरक्षा मद की राशी का गैर योजना मद में खर्च करने पर आपत्ति के वावजूद सुझावों को नहीं मानना गंभीर मामला है। नेताओं के द्वारा घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय अब बचाव के ठोस पहल किया जाना चाहिए। इंसाफ़ मंच के नदीम खान ने कहा की इसके पहले हुई रेल दुर्घटनाओं से सबक लिया गया होता तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।  सुरक्षा कवच से ज्यादा मेन पावर की कमी मुख्य करण है और इसके लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्री की नीतियां ज़िम्मेदार है, रेल मंत्री नैतिक जिम्मेदारी कबूलते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए । यह रेल हादसा केंद्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों की देन है।श्रृद्धांजलि शोक सभा में फॉदर टॉम, इंसाफ़ मंच के नदीम खान, झारखंड आंदोलनकारी पुष्कर महतो, भाकपा माले के विनोद लहरी, सुदामा खलखो जगरनाथ उरांव सोहेल अंसारी,फादर टोनी, तारामणि साहू, ऐक्टू मजदुर यूनियन के नेता भीम साहू नोरीन अख्तर, दिव्या भगत, सोएब अख्तर लीना, सुगिया, गौरी, माया कुमारी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
भुवनेश्वर केवट सचिव ऐक्टू रांची

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