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गरीब यतीम मिस्किन मजलूम बेसहारों का निवाला हो रहा चोरी

दोस्तों हम मुसलमान है और हमारे ऊपर और तमाम मुसलमानो के ऊपर कुछ जिम्मेदारियां है । क्या हम उस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभा रहे हैं । अब समय आ गया है । गौर करने का क्योंकि इन यतीमो का हक इन मजलूमों का हक मार कर कोई नाजायज तरीके से खा रहा है , या यूं कहा जाए यतीमो का निवाला चोरी कर रहा है।
रमजान शरीफ के मौके पर हर मुसलमान शरीयत के एतबार से फितरा जकात निकालता है और फिर फितरा जकात गरीब यतीम में बाँटता है क्योंकि हमारा इस्लाम हम सब मुसलमान को ये हक देता है । गरीब यतीम मजबूर लोगों की मदद करने का और हम सब मुसलमान अपनी मजहब का आदेश का पालन करते हैं ।
अक्सर रमजान शरीफ के मौके पर देखने को मिलता है अनजान लोग चंदा करने के लिए अपने शहर अपनी बस्ती और घरों तक आ जाते हैं । मदरसा का रसीद मदरसा का इश्तहार लेकर चंदा करते नजर आ जाते हैं। इनमें कुछ ऐसे लोग होते हैं जो कमीशन पर चंदा करते हैं । 50% चंदे का कमीशन के रूप में चंदा करने वालों का होता है । और 25% आने जाने खाना और ठहरने का खर्च होता है । अगर आपने ₹100 रुपया इनको चांद के रूप में दिया तो 75 रुपया इनके कमिशन और खर्च में चला जाता है । ₹25 रुपया मदरसा या अन्य जगहों पर जाता है । ये भी जरूरी नहीं की जिस मदरसा के लिए ये चंदा कर रहे हैं वह मदरसा है या नहीं इसकी भी जानकारी हम लोगों को नहीं होती है ।और हम लोग जाने अनजाने ऐसे लोगों को चंदा दे देते हैं । जिसकी वजह से गरीब यतीम मिस्कीनों का हक मारा जाता है । और ये कमीशन खोर लोग अपने पेट को आगे करके धर्म को पीछे करते हैं। ऐसे लोग शक्ल सूरत अख्तियार करके मुसलमान को धोखा देते हैं । कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो पूछने पर अपने आप को सैयद और पीर कहते हैं और हमने पढ़ा है और अपनी मस्जिद के इमाम साहब से सुना है कि सैयद पर फितरा और सदका हराम है । फिर भी ये लोग धर्म और शरीयत को ताख पर रखकर गरीबों का निवाला चोरी करने के लिए रमजान शरीफ के मौके पर आप सबों से गरीबों का हक मारने के लिए निकल पड़ते हैं ।आप सबों से मेरी ये गुजारिश होगी आप चंदा दे तो शरीयत के मुताबिक दे । पहला हक गरीब रिश्तेदार का दूसरा हक पड़ोसियों का तीसरा हक मोहल्ला के लोगों का और चौथा हक मोहल्ला में मदरसा के यतीम बच्चों का। उसके बाद आप जिसे चाहे उसकी मदद कर सकते हैं। और बेहतर से बेहतर जानकारी के लिए अपने मोहल्ले के पेशीमाम जिनके पीछे आप नमाज पढ़ते हैं उनसे या मुफ्ती सब से बेहतर जानकारी ले सकते हैं । मैं इसलिए आप लोगों से ये कहना चाहता हूं गरीबों का हक गरीबों तक पहुंच सके। गरीबों के निवाला चोरों से गरीबों का निवाला बचा सके । आप सबों की मदद से गरीबों का हक गरीबों को दिला सके।
(लेखक सह समाजसेवी रमजान कुरैशी रांची)(9263726408/7488089204 ) मेरा ये आर्टिकल लिखने से किसी के दिल को ठेस पहुंचे तो मुझे माफ कीजिएगा मेरा आर्टिकल लिखने का सिर्फ एक मकसद है । लोगों को सही जानकारी दे सके फक्त वह सलाम रमजान कुरैशी🌹

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