Saturday, April 20, 2024
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शुक्रवार को होने वाले चुनाव की तारीख बदलनी चाहिए: एदार ए शरिया झारखंड

रांची:- एदार ए शरिया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना मोहम्मद कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग ने देश के आम चुनाव और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. जो स्वागत योग्य है। चुनाव सात चरणों में होने हैं. पहला शुक्रवार 19 अप्रैल को, दूसरा शुक्रवार 26 अप्रैल को, तीसरा मंगलवार 7 मई को, चौथा सोमवार 13 मई को, पांचवां सोमवार 20 मई को, छठा शनिवार 25 मई और 1 जून को सातवां चरण की तारीख है. जिसमें देश के करीब 96.88 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, नाजिमे आला ने कहा है कि जैसा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि सभी को कई सुविधाएं दी जाएंगी. मतदाताओं को वोट देने के लिए उदाहरण के तौर पर 85 वर्ष के मतदाताओं की सुविधा और जागरूकता के लिए घर पर ही मतदान की व्यवस्था, व्हीलचेयर, पानी, साफ-सफाई, धूप से बचने के लिए छाया, शामियाना और हर हाल में मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। हालाँकि, क्रमशः पहला और दूसरा चरण 19 और 26/अप्रैल दोनों तारीखें शुक्रवार हैं और हर कोई जानता है कि शुक्रवार मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिसमें मुसलमान शुक्रवार के जुमा की एबादत सामूहिक रूप से करते हैं और लगभग 3/4 घंटे शुक्रवार की प्रार्थना के लिए समय व्यतीत होते हैं और यह समय 11:30 बजे से 2:30 बजे दिन तक है और यह मतदान के लिए बहुमूल्य समय भी है। जाहिर है, मुस्लिम मतदाताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और लाखों मुस्लिम मतदाता मतदान से वंचित रह जाएंगे। मौलाना रिज़वी ने कहा कि आयोग को शुक्रवार के चुनाव की तारीख बदल कर किसी और दिन कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी तारीख तय करते समय चुनाव आयोग को शुक्रवार का भी ध्यान रखना चाहिए था ताकि कोई भी मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित न रह जाए, लेकिन पता नहीं चुनाव आयोग ने इस ओर ध्यान कि्युं नही रखा. शुक्रवार को चुनाव आयोग ने 19 और 26 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है, जो क्षणिक चिंता का विषय है. मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि जैसे ही चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई, एदार ए शरिया झारखंड ने तुरंत एक अनुरोध पत्र संख्या ईडीएसजे 4299/24 मेल द्वारा भेजा. भारत के मुख्य चुनाव आयोग को मेल करके अनुरोध किया गया कि चुनाव की तारीख शुक्रवार को ना रख कर दुसरी तारीख रखी बदल जाए। मौलाना रिजवी ने कहा कि ये मांग ना केवल एदार ए शरीया का है बल्कि देश के लगभग 40 करोड मुसलमानों की मांग है, अगर इसमें बदलाव नहीं किया गया तो यह समझा जाएगा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। एदार ए शरिया ने उम्मीद जताई कि मांगों पर अवश्य ही विचार किया जाएगा।

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