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निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन

 

मरीजों का आर्थिक शोषण बंद हो : निपु सिंह

विशेष संवाददाता 

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रांची। झारखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से गठित संगठन  ‘झारखंड अगेंस्ट करप्शन’ के केंद्रीय संगठन मंत्री एवं लोकप्रिय समाजसेवी निपु सिंह ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आवास पर मुलाकात की ओर निजी अस्पताल संचालकों द्वारा मरीजों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने का अनुरोध किया। मौके पर श्री सिंह ने उक्त आशय से संबंधित एक ज्ञापन भी स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा। 
श्री सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से कहा कि सरकारी अस्पतालों में आधारभूत संरचनाओं की कमी,  डॉक्टर एवं उचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं रहने की वजह से निजी अस्पताल फल-फूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीज विवश होकर बेहतर चिकित्सा के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं। लेकिन मरीजों की आर्थिक स्थिति से बेपरवाह और सरकार से बेखौफ  निजी अस्पताल प्रबंधन इलाज के एवज में भारी-भरकम राशि वसूलते हैं।
 इसका ताजा उदाहरण टाटीसिल्वे स्थित स्वर्णरेखा अस्पताल का है, जिसमें मरीज से दस हजार रुपए ऑक्सीजन चार्ज के नाम पर अधिक वसूल ली गई थी। जब मरीज के परिजनों ने आईएमए से गुहार लगाई, तो आईएमए के पदाधिकारियों के हस्तक्षेप पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा अधिक लिए गए दस हजार रुपये लौटाए गए।
श्री सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि  सभी निजी अस्पतालों का इलाज के सभी तरह के शुल्क को एक समान किया जाए और जनता के सामने सार्वजनिक रूप से इलाज का शुल्क अस्पतालों के  शिलापट्ट पर लगाया जाए, ताकि गरीब जनता निजी अस्पतालों के लूट का शिकार न हो।  साथ ही उन्होंने सरकारी अस्पतालों में भी चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। 
 उन्होंने बताया कि इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लेते हुए यथोचित कार्रवाई  करने का आश्वासन दिया।

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