Tuesday, May 28, 2024
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इंडिया गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय की जनसभा, झारखंड में आइएनडीआईए का परचम लहराएगा : गुलाम अहमद मीर

मैं झारखंड की बेटी व खतियानी झारखंडी : यशस्विनी सहाय

विशेष संवाददाता. रांची।
रांची संसदीय सीट से इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने सोमवार को रांची के उपायुक्त सह जिला निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन करते समय राज्यसभा सांसद डॉ.महुआ माजी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित अन्य नेता गण मौजूद थे। नामांकन के बाद चुनावी जनसभा का आयोजन शहर के मोरहाबादी मैदान में किया गया। सभा में काफी संख्या में कांग्रेस, झामुमो, राजद, वामदल और आम आदमी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।


सुश्री सहाय नामांकन से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के आवास पहुंची और वहां उनसे आर्शीवाद प्राप्त किया।
सभा को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि झारखंड शहीदों एवं क्रांतिकारियों की धरती है। यहां के अमर शहीदों की लंबी फेहरिस्त है। झारखंड की जनता ने इस बार भाजपा का सफाया करने की ठान ली है।
इस बार व्यापक जन समर्थन से सभी 14 सीटें जीतकर देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने में यह राज्य अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड में सभी 14 प्रत्याशी खांटी झारखंडी हैं, कोई भी प्रत्याशी बाहरी नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड, झारखंडियों का था, है और हमेशा झारखंडियों का ही रहेगा।


उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ठाना है, जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। हम खोखले दावों के साथ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने अपने न्याय पत्र में जितनी बातें कही है, वह सभी लागू करेगी। उन्होंने कहा कि प्रथम और दूसरे चरण में हुए 184 सीट से इंडिया गठबंधन को 125 सीटें मिलने का अनुमान है। दक्षिण में भाजपा साफ हो गयी है, बाकी अन्य राज्य राजस्थान, गुजरात, बिहार, यूपी में भी जनता ने भाजपा को नकार दिया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर सरना धर्म कोड, खतियान आधारित स्थानीय नीति, ओबीसी आरक्षण समेत अन्य सभी हक झारखंडवासियों को दिया जाएगा।उन्होंने कहा यशस्विनी सहाय केवल सुबोधकांत की बेटी नहीं, यह झारखंड की बेटी और बहन है। ऐसी पढ़ी-लिखी महिलाओं को राजनीति में आने से महिलाओं के अधिकार की बातें संसद में गूंजेगी।

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*यशस्विनी सोनिया-राहुल की पंसद : सुबोधकांत सहाय

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि बेटी को टिकट मिलने में मेरी कोई भूमिका नहीं रही है।
यशस्विनी सोनिया-राहुल की पंसद हैं। मैं चाहता तो यशस्विनी को राजनीति से दूर रखकर उसे अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ा सकता था। लेकिन मैंने तय किया कि एक उभरती हुई प्रतिभा को सार्वजनिक जीवन में लाया जाए। ताकि समाज का कुछ भला हो सके। यशस्विनी भले ही पढ़ाई लिखाई बाहर की, लेकिन हम और हमारा परिवार मूल रूप से झारखंडी हैं। उन्होंने कहा कि आप लोग जिस तरह मुझे कभी नेता बनने नहीं दिया, सुबोध भैया ही बनाए रखा। उसी प्रकार मेरी बेटी को अपनी बेटी, बहन बनाकर प्यार दें। पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी ने 2014 में जो कहा, उसे बाद में जुमले का नाम दे दिया। अब उसी जुमले को गारंटी बताकर चुनाव लड़ रहे हैं।

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*मैं खतियानी झारखंडी हूं : यशस्विनी

इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने कहा कि सबसे पहले तो मैं सबको बता दूं कि मैं बाहरी नहीं, खतियानी झारखंडी हूं। पढ़ाई लिखाई बाहर करने से कोई बाहरी हो जाता है क्या? मैं आपके पास वोट मांगने नहीं, आपका प्यार मांगने आयी हूं। हमारी पार्टी ने वादा किया है कि संविधान बदलने नहीं देंगे, लोकतंत्र खत्म होने नहीं देंगे। महिलाओं को हर माह 8,500 रूपए और महिलाओं को सरकारी नौकरी में 50 प्रतिशत आरक्षण देंगे। भाजपा सरकार अच्छे दिन का वादा करके आई, मगर पूरे देश में बुरे दिन ला दिए।
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*सांप्रदायिक ताकतों को शिकस्त दें : राजेश ठाकुर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यशस्विनी सहाय को सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के ने उतारा है। उन्होंने कहा कि आज जो देश के हालात हैं उमसें हिदु-मुस्लिम पर, मुस्मिल हिंदू पर, आदिवासी ईसाई पर, ईसाई आदिवासी पर, पिछड़ा अगड़ा पर और अगड़ा पिछड़ा पर शक कर रहा है। हर कोई एक दूसरे पर शक की निगाह से देख रहा है।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए जनता ने कमर कस लिया है।
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*संविधान बदलने वाले को बदल डालें : आमलगीर आलम
विधायक दल नेता और मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि झारखंड में अब मतदान शुरू होने वाला है। मतदान के दिन संविधान बदलने की बात करने वालों को ही बदल डालें। आप लोग खुद ही तय करें कि 2014 से 2024 तक देश में क्या-क्या हुआ, क्या होना चाहिए था, क्या हुआ। हमारी सरकार ने सरना धर्म कोड, स्थानीय नीति और ओबीसी आरक्षण सदन से पास करके भेजा मगर ये लोग इसे लागू होने नहीं दिया। ओबीसी का आरक्षण बाबूलाल मरांडी ने ही कम करने का काम किया।
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*थाली बजाने से क्या रोग-दुख खत्म होता है क्या : बंधु तिर्की

कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि इस देश में नेहरू से लेकर अटल जी तक प्रधानमंत्री बने। मगर वर्तमान में जो पीएम है, वैसा पीएम देश ने कभी नहीं देखा। कोविड काल में इन्होंने थाली बजवा दिया, दिया जलवा दिया। अब बताइए कि रोग-दुख थाली बजाने से खत्म होता है क्या। इस बार का चुनाव हमारे लिए, आपके लिए करो-मरो का चुनाव है। इसलिए कमर कस लें और संविधान बदलने को ही बदल डालें।

*जनसभा में ये सब रहे उपस्थित:
जन सभा में झामुमो जिला अध्यक्ष मुस्ताक आलम, राज नेता कैलाश यादव, समाजिक संगठनों के अगुवा अजय तिर्की, कुंदरसी मुंडा, शिवा कच्छप, निरंजना हेरेंज, प्रेम शाही मुंडा, विधायक राजेश कच्छप, कुमार राजा, राकेश किरण, राजीव रंजन प्रसाद, रमा खलखो, शहजादा अनवर, प्रदीप तुलस्यान, अजय नाथ शाहदेव, राकेश सिन्हा, मनोहर यादव, राजेश यादव,धर्मेन्द्र महतो सहित विभिन्न दलों के कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

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*इससे पूर्व इंडिया गठबंधन की निकली नामांकन यात्रा
*धर्मस्थलों पर मत्था ठेका

सुबह सात बजे यशस्विनी सहाय ने मनीटोला डोरंडा में काली मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद धुर्वा सेक्टर-3 के दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद नामांकन जुलूस निकाला गया। जो बिरसा चौक पहुंचा। यहां पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को माल्यार्पण किया। इसके बाद हिनू चौक में हनुमान मंदिर और शनि मंदिर में दर्शन में दर्शन किया। यहां इसके बाद डोरंडा एजी मोड़, स्वामी विवेकानंद चौक, बाबा साहेब अंबेडकर चौक, रिसालदार बाबा मजार पहुंचा। इसके बाद कडरु में महावीर मंदिर में दर्शन किया। इसके बाद अरगोड़ा चौक, हनुमान मंदिर होते हुए हरमू चौक, स्वामी सहजानंद चौक, कार्तिक उरांव चौक, भारत माता चौक जुलूस पहुंची। किशोरगंज चौक में संतोषी माता मंदिर में दर्शन किया। इसके बाद रातू रोड चौराहा, जाकिर हुसैन पार्क होते हुए समाहरणालय भवन पहुंची।

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