Friday, April 19, 2024
Jharkhand News

विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता युक्त टैब् एव्ं स्कैनर उपलब्ध कराये विभाग

 

eVV के नये वर्जन 2.2.5 में अनेकों खामियाँ
eVV के नये वर्जन में पूर्व की तरह मैनुअली उपस्थिति बनाने की व्यवस्था की जाय
राँची, दिनांक, 26/04/23, 
झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के द्वारा झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक श्रीमती किरण कुमारी पासी सहित सचिव, स्कूली शिक्षा एव्ं साक्षरता विभाग, निदेशक, माध्यमिक एंव प्राथमिक शिक्षा को eVV के नये वर्जन में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया l
शिक्षा परियोजना के प्रशासी पदधिकारी श्री जयंत कुमार मिश्रा से मिलकर ई विधावाहिनी के नये वर्जन से हो रही कठिनाइयों को विस्तृत रूप से बताया गया l उन्होंने इस मामले को  गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही कर अपने अधीनस्थ ई विधा वाहिनी के तकनीकी विशेषज्ञ से समुचित निदान करने का दिशा निर्देश दिये l प्रतिनिधिमंडल में विजय बहादुर सिंह, अमीन अहमद, आशुतोष कुमार, अरुण कुमार दास एवं मो० फखरुद्दीन शामिल थे l
 ज्ञात हो कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक महोदया श्रीमती किरण कुमारी पासी जी के द्वारा निर्गत पत्रांक MIS/06/2023/183/1305 दिनांक 13 अप्रैल 2023 के माध्यम से पिरामल फाउंडेशन के द्वारा विकसित ई विधावाहिनी 2.2.5 नए वर्जन ऐप के द्वारा राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों का डाटा संधारण एवं संचालन के साथ शिक्षकों को बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने का आदेश निर्गत किया गया है l
जबकि ई विधावाहिनी 2.0  के पुराने वर्जन से अब तक विद्यालयों में डाटा संधारण के साथ शिक्षकों का बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होता आ रहा था, उक्त वर्जन में राज्य के विषम भौगोलिक क्षेत्रों ,नेट कनेक्टिविटी एवं विद्युत आपूर्ति की अनियमितता के साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में आपात स्थिति में तकनीकी गड़बड़ियों की संभावना को देखते हुए राज्य के झारखंड आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति नियमावली 2015 के अनुकूल बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ मैनुअल उपस्थिति की व्यवस्था बहाल किया गया था, जिसे समाप्त करते हुए eVV 2.2.5 का नया वर्जन लॉन्च किया गया है जिसमें  मैनुअली उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करते हुए  ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान की व्यवस्था बहाल किया गया है जो *झारखंड आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति नियमावली 2015 के विरुद्ध* है जो विभागीय स्वेच्छाचारिता के साथ राज्य के शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षकों को मानसिक एवं आर्थिक संकट में झोंकने  का द्योतक है l
    इस संबंध में मोर्चा के द्वारा विभाग के तमाम आला अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपा गया हैl
ज्ञापन की प्रति संलग्न है l
भवदीय
अरुण कुमार दास
प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी
झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा

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