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बाबूलाल जी, आंखें खोल लीजिए! किसान आंदोलन में भी यही सिख भाई मोदी सरकार के खिलाफ उतरे थे: आलोक दूबे

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सिख किसानों के संघर्ष को भूल गई भाजपा? आलोक दूबे बोले, बाबूलाल जी आंखें खोलिए, इतिहास मत भूलिए

कांग्रेस को इतिहास का पाठ पढ़ाने से पहले भाजपा अपना इतिहास देखे: आलोक दूबे

दिल्ली में 10 लाख लोग लोकतंत्र बचाने उतरे, भाजपा नेताओं को जमीनी हकीकत का पता नहीं: आलोक दूबे

आदित्य साहू जी, बाबूलाल जी और भानु प्रताप शाही को संभाल लीजिए, जनता का मूड बदल चुका है बोलिए बक बक न करे: आलोक दूबे

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को इतिहास की आड़ में कांग्रेस को बदनाम करने के बजाय वर्तमान की सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी जी आंखें खोल लीजिए, जिन सिख भाइयों के दर्द की बात आप आज कर रहे हैं, वही सिख भाई किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। क्या आपको वह आंदोलन याद नहीं है?

आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी जी, आंखें खोलिए और इतिहास याद कीजिए। जिस सिख समुदाय के दर्द पर आज आप राजनीति कर रहे हैं, उसी समुदाय के हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे थे। लगभग 13 महीने चले किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की मौत हुई और 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा करनी पड़ी। 29 नवंबर 2021 को संसद ने इन कानूनों को निरस्त करने का विधेयक पारित किया। बाबूलाल जी, क्या आपको यह सब याद नहीं है? क्या उस समय सिख किसानों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा था? भाजपा नेताओं को इतिहास की घटनाओं पर राजनीति करने से पहले अपने शासनकाल की सच्चाई का सामना करना चाहिए। आदित्य साहू जी, आप भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, अपने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भानु प्रताप शाही को जमीनी हकीकत समझाइए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा को यह बात हजम नहीं हो रही है। इसीलिए बाबूलाल मरांडी जैसे नेता इतिहास की घटनाओं को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता का ध्यान मौजूदा समस्याओं से भटकाने में लगे हैं।

आलोक दूबे ने कहा कि आदित्य साहू भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्हें चाहिए कि वे अपने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा नेता भानु प्रताप शाही को संभालें। भाजपा नेताओं के बयानों से निर्लज्जता दिख रही। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा को शह और मात दोनों मिलने वाली है, क्योंकि जनता का मूड बन चुका है।

कांग्रेस महासचिव ने दिल्ली में आयोजित रैली को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर भी कड़ा प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भानु प्रताप शाही को आंखों में आई ड्रॉप डालकर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। यह कोई एआई से बनाई गई तस्वीर नहीं है। दिल्ली में लाखों लोग लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए पहुंचे थे। यदि कोई कहता है कि वहां 10 लाख लोग आए थे, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। भाजपा नेताओं को सोशल मीडिया पर बैठकर सवाल उठाने के बजाय मैदान में उतरकर जनता की ताकत देखनी चाहिए।

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को एआई और सोशल मीडिया के सहारे राजनीति करने की आदत हो गई है। कांग्रेस के कार्यकर्ता और आम जनता मैदान में उतरकर लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा नेताओं को भी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भानु प्रताप शाही को अपने बयानों पर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता महंगाई, बेरोजगारी और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों से परेशान है। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। भाजपा जितना चाहे इतिहास की आड़ में राजनीति कर ले, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है।

आलोक दूबे ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे जनता की आवाज सुनें और जमीनी हकीकत को स्वीकार करें।

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