एसआईआर के अंतर्गत नोटिस एवं सुनवाई त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की एक प्रक्रिया


किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को घबराने की कोई जरूरत नहीं
जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ/एईआरओ, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को सहयोग करने के लिए हैं, कृतसंकल्पित– के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी।
रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत नोटिस जारी करने तथा दावा-आपत्तियों के निष्पादन का चरण मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस चरण में इन्यूमरेशन तथा दावा-आपत्ति अवधि के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने, संशोधन करने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए प्राप्त आवेदनों एवं आंकड़ों की जांच और शुद्धिकरण किया जाता है।उन्होंने बताया कि 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य श्रेणियों से संबंधित मतदाताओं के मामलों की सुनवाई प्रारंभ की जा रही है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और मतदाता सूची में उनसे संबंधित विवरणियां त्रुटिरहित शामिल हो सके साथ ही साथ कोई भी विदेशी नागरिक या अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन के चरण में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) स्तर से जारी नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मतदाता को प्रथम चरण में सात दिनों का समय दिया जाएगा। इस अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाता से दोबारा संपर्क कर पुनः नोटिस उपलब्ध कराए जाएंगे एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु उन्हें 7 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दावा आपत्ति की अवधि 5 अगस्त से 15 सितम्बर तक निर्धारित है, जिसका निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जा सकेगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में मतदाताओं के दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार करने का कार्य किया जा रहा है। झारखण्ड के ऐसे मतदाता, जिनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और जो अपनी इच्छा के अनुसार झारखण्ड के मतदाता सूची में स्थानांतरण चाहते हैं, उनसे फॉर्म-8 एवं घोषणा पत्र प्राप्त कर संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही एक परिवार अथवा एक ही घर के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने हेतु भी कार्य किया जा रहा है।
श्री के. रवि कुमार ने कहा कि इन्यूमरेशन चरण में मतदाताओं से प्राप्त आवेदनों एवं आंकड़ों में पाई गई त्रुटियों और विसंगतियों को दूर किया जा रहा है। नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया के माध्यम से आवेदनों और उपलब्ध आंकड़ों का विधिसम्मत सत्यापन करते हुए योग्य मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सफल बनाने में मतदाताओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।
श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के द्वारा बना मतदाता सूची परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संधारित किया जाएगा। मतदाता सूची में दर्ज प्रमाणित एवं सही विवरण भविष्य में मतदाता तथा उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख के रूप में उपयोगी होगी। इसलिए सभी मतदाता अपने विवरणी की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र एवं दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि संविधान की धारा 326 के अनुसार केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए 2 एवं आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयाश कर रहा है अथवा ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल है तो फॉर्म 7 भरकर अपनी आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। जिससे ईआरओ/ एईआरओ स्तर पर दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए आदेश पारित किए जा सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विदेशी नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण में कोई सहयोग न करें। यदि किसी परिवार में शादी कर अथवा किसी अन्य रूप से कोई विदेशी नागरिक हैं तो वे पहले गृह मंत्रालय, भारत सरकार से भारतीय नागरिकता प्राप्त करें। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पूर्व मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु आवेदन देना दंडनीय अपराध है।
नोटिस, दावा-आपत्तियों के निष्पादन, आवश्यक दस्तावेजों अथवा विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क कर सकते हैं।








