Sunday, April 21, 2024
Jharkhand News

प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस कार्यकारणी की बैठक में 11 प्रस्ताव पारित

 

हक़ व अधिकार के लिए मोमिनों को एकजुट होना होगा:फ़िरोज़ अहमद

राँची: झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस की राज्य कार्यकारिणी की बैठक रविवार को विधायक आवास सभागार , रांची में प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली अंसारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई । बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित  ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज अहमद अंसारी  ने कहा कि मोमिन कॉन्फ्रेंस मोमिनों की आर्थिक सामाजिक, शैक्षणिक व राजनीतिक उत्थान के लिए संघर्षरत है। झारखंड में मोमिनों को अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होना होगा। विशिष्ट अतिथि मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मंजूर अहमद अंसारी ने कहा कि सरकार की उपेक्षा एवं अधिकारियों की अनदेखी से झारखंड के अल्पसंख्यक अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। हमें अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष तेज करना होगा।
बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली ने बताया कि झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से 11 प्रस्ताव पारित किया गया।
 *11 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित* 
 1) झारखंड में  मोमिनों की राजनीतिक भागीदारी प्रायः नगण्य है , राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने हेतु  राजनीतिक जागरूकता एवं चेतना जागृत करना आवश्यक है इसके लिए मोमिनों के बीच निरंतर कार्यक्रम चलाया जाएगा।

2) झारखंड के अल्पसंख्यकों से संबंधित आयोग , बोर्ड ,निगम, समिति आदि का गठन किया जाए । अल्पसंख्यक आयोग, अल्पसंख्यक वित्त व विकास निगम,  वक़्फ़ बोर्ड ,मदरसा शिक्षा बोर्ड ,उर्दू अकैडमी आदि का गठन/पुनर्गठन किया जाए।
 3)झारखंड के अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा , अल्पसंख्यक  के द्वारा स्थापित व प्रशासित संस्थाओं को अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था की मान्यता एवं स्टेटस प्रदान किया जाए एवं वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर वित्त सहित किया जाए। 
4) सरकार की उपेक्षा एवं अधिकारियों की अनदेखी के कारण झारखंड के  मोमिनों जिनकी आबादी राज्य में लगभग 15% है की आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ गए  हैं, इनके उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास व कल्याणकारी योजनाओं में उचित भागीदारी सुनिश्चित किया जाए एवं नियुक्तियों में विशेष सुविधा दी जाए ।
 5)झारखंड का सबसे बड़ा उद्योग हथकरघा उद्योग मृत्युप्राय हो गया है जिस को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार कारगर कदम उठाए तथा बुनकरों की समस्याओं के समाधान के लिए बुनकर आयोग का गठन करे । 
6)झारखंड राज्य में मॉबलिंचिग के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को यथाशीघ्र कड़ी सजा दी जाए, मॉबलिंच के मृतकों के परिवारों के जीवन यापन की समुचित व्यवस्था की जाए तथा शांति एवं स्वच्छ वातावरण में समुचित विकास के अवसर प्रदान किया जाए।

7)  उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों में अविलम्ब  नियुक्ति की जाए तथा झारखंड में उर्दू अरबी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए ।
 8)झारखंड में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बढ़ाकर 27% किया जाए एवं पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित अल्पसंख्यक को  आबादी के अनुपात में आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
9) अल्पसंख्यकों के अधिकारों और कल्याण से संबंधित कानूनों के कार्यक्रम ,नीतियों और समीक्षा कार्यान्वयन को विकसित करने के लिए एक समर्पित अल्पसंख्यक विभाग का गठन किया जाए।
10) राज्य के अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, पाठ्यपुस्तक एवं अन्य सुविधाएं देने की प्रक्रिया की जटिलताओं को दूर किया जाए एवं सभी जिलों में अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण किया जाए।
11) यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने में धार्मिक और सांस्कृतिक स्वायत्तता का उल्लंघन होगा जिसमें भारत की समाज की विधिथता कम हो जाएगी। व्यक्तिगत कानून धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से निहित है और अल्पसंख्यक समुदाय की विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए उनका संरक्षण आवश्यक है। सरकार द्वारा इस पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए ।
बैठक में उपर्युक्त प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करते हुए संकल्प लिया गया कि मोमिन कॉन्फ्रेंस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष  फिरोज अहमद अंसारी के नेतृत्व में मोमिनों/ अल्पसंख्यकों की राजनीतिक चेतना, जागृति और समुचित भागीदारी, शैक्षणिक विकास, आर्थिक सशक्तिकरण ,सामाजिक सौहार्द्र एवं शांति तथा हर क्षेत्र में यथोचित भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में संघर्ष जारी रखेगी । कॉन्फ्रेंस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के विकास व समुचित पहल एवं जस्टिस रंगनाथ मिश्रा के सिफारिशों को लागू करने हेतु संकल्पित है ।
 *बैठक में इनकी रही उपस्थिति* 
बैठक में मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शहादत हुसैन, महासचिव सगीर अंसारी ,सचिव कासिम अंसारी, अनवर अंसारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मंजूर अंसारी, प्रदेश उपाध्यक्ष आबिद अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, शमशाद अंसारी,  अब्दुल्लाह अंसारी, इसराइल अंसारी, अब्दुल करीम अंसारी ,गुलाम यजदानी ,मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी, परवेज अख्तर अंसारी, जावेद अहमद अंसारी, अयूब अली, नौशाद आलम, शाहिद इकबाल, शाहबाज अहमद, मुफ्ती सईद ,जैनुल अंसारी, हाजी सिकंदर, शमीम अख्तर आजाद ,काजीम अंसारी, जहांगीर अंसारी ,निसार अंसारी फारूक अंसारी, जैनुल अंसारी , सलीम बेचैन, मौलाना रकीब अंसारी, ओबैदुल्लाह  अंसारी, हाजी जैनुल आबिदीन, जावेद अंसारी, जफर इमाम सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारी व जिलाध्यक्ष शामिल हुए।
 भवदीय
आबिद अली अंसारी
 प्रदेश अध्यक्ष 
झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस

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