Monday, June 17, 2024
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सौतेला सुलूक के कारण झारखंड में इमारत ए शरिया का गठन किया गया: मुफ्ती नजर तोहिद

दुमका रोड धांधडा मदरसा जामिया मिस्बाह लिल बनात में इमारत ए शरिया का सम्मेलन हुआ सफल

सद्दाम हुसैन
संवाददाता/जामताड़ा

इमारत ए शरिया झारखंड ने मुसलमानों में बुनियादी शिक्षा आम करने के लिए मंगलवार को जामताड़ा स्थित दुमका रोड धांधडा मदरसा जामिया मिस्बाह लिल बनात मे एक दिवसीय कार्यक्रम का समापन किया। आपको बता दें की सबसे पहले कुरान ए पाक की तिलावत हुई फिर नात ए रसूल पढ़कर कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। इस दौरान जामताड़ा सहित गिरिडीह एवं देवघर धनबाद के नौजवान उलेमा सेकडों के तादाद में मौजूद थे। मौके पर गुलदस्ता एवं शॉल ओढ़ा कर अतिथियों का स्वागत किया गया। इस बारे में इमारत ए शरिया के आमिर ए शरीअत मुफ्ती नजर तोहिद ने बताया कि सौतेला सुलूक की वजह से झारखंड में इमारत शरिया को अलग गठन कर लिया गया है और मुझे आमिर ए शरीअत इत्तेफाक राय से चुन लिया गया है।

उन्होंने जामताड़ा के नौजवान उलेमा की जमकर तारीफ की कहा हर गांव और बस्ती में बुनियादी तालीम के मकतब खोलने के प्रयास किए जाएंगे। मानक शैक्षिक संस्थानों की स्थापना की जाए, स्कूल-कॉलेज तथा तकनीकी शैक्षणिक संस्थान खोले जाएं। उन्होंने कहा कि जो समर्थ लोग हैं उनको चाहिए कि अपने सामर्थ्य और संसाधन का प्रयोग कर स्कूल, कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थान खोलें। वही मौलाना इनायत कलीम ने आरोप लगाया कि जिस आदमी को बिहार इमारत ए शरिया ने अमिर ए शरीअत मुंतखब किया है वह इस लायक नहीं है उनकी जुबान से अहले बैत व सहाबा महफूज नही उन्होंने कहा है कि इमाम ए हुसैन यजीद की तलवार से नहीं बल्कि अपने नाना की तलवार से शहीद हुए हैं।

वही आगे मुल्क के हालात पर बात करते हुए कहा इस समय देश में एक विशेष धर्म के विचारों को पूरे देश पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसे में हमारे लिए जरूरी हो गया है कि हम अपने बच्चों का दीन व ईमान, उनके विचार और उनकी आस्था को सही-सलामत रखें। वही फातमा गर्ल्स एकेडमी इटकी के डायरेक्टर मौलाना नसीम अनवर नदवी ने उपस्थित उलेमा को संबंधित करते हुए कहा के नई तकनीकी इल्म सीखना और सिखाना बहुत अहम और जरूरी है। जेपीएससी, एसएससी, यूपीएससी, नीट वगैरा की तैयारी पर झारखंड इमारत ए शरिया काम करेगी।

दीनी मिसाइल सीखने के साथ दुनियावी दस्तूर को अपने बच्चों को पढ़ाना सीखाना बहुत ही जरूरी है। उलेमा की तादाद ने हाथ उठाकर इमारत शरिया के टीम की बातों का समर्थन किया। उक्त मौके पर मौलाना शोएब, मौलाना इलियास, मुफ्ती सिद्दीकी, मौलाना अब्दुल सत्तार, मौलाना अब्दुल कुद्दुस, मौलाना अब्दुल जब्बार, मौलाना जलालुद्दीन मौलाना अजीमुद्दीन, मौलाना इमरान, मौलाना अब्दुर रकीब, मौलाना तैय्यब, मौलाना इरशाद, कारी मकसूदूर रहमान, मौलाना बिलाल, सहित सैकड़ो उलेमा मौजूद थे।

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