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यू.पी.आई पर MDR बदहाल अर्थव्यवस्था का प्रमाण : शशि भूषण राय

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छोटे और मध्यम व्यापारियों पर होगा नकारात्मक प्रभाव

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री शशि भूषण राय ने यू.पी.आई (UPI) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कदम को मोदी सरकार की जनविरोधी और व्यापारी विरोधी नीतियों का एक और प्रमाण बताया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि डिजिटल इंडिया का ढोल पीटने वाली मोदी सरकार अब आम जनता और व्यापारियों की जेब पर डाका डालने की तैयारी कर रही है। यूपीआई पर शुल्क लगाने का यह कदम साफ तौर पर दिखाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। सरकार के पास राजस्व बढ़ाने का कोई ठोस आर्थिक विकल्प नहीं बचा है, जिसके कारण अब डिजिटल लेनदेन पर टैक्स लगाकर ‘टैक्स वसूली’ का रास्ता अपनाया जा रहा है। यह सीधे तौर पर जनता से जबरन वसूली है। इस कदम से छोटे और मध्यम व्यवसायियों पर भारी असर पड़ेगा । उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले की सबसे बड़ी गाज छोटे, लघु और मध्यम श्रेणी के व्यापारियों (MSMEs) पर गिरेगी। मोदी सरकार और भाजपा का असली चेहरा उजागर हुआ और असली पूंजीपति-परस्त चेहरा एक बार फिर देश के सामने आ गया है। जो सरकार चुनाव के समय व्यापारियों के हितैषी होने का नाटक करती है, वही सत्ता में रहकर लगातार उनके आर्थिक शोषण की योजनाएं बनाती है। यह कदम साबित करता है कि भाजपा सरकार को आम जनता और मध्यम वर्ग की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने कहा ये पुरी तरह से जनविरोधी निर्णय है और आम जनता पर प्रहार है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी मांग करती है की कि केंद्र सरकार यूपीआई पर किसी भी प्रकार का एमडीआर या अतिरिक्त शुल्क लगाने के विचार को तुरंत वापस ले, अन्यथा कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इसके खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।

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