छात्रों की आवाज़ के साथ खड़े हुए सैयद शाहरुख हसन रिजवी, आंदोलन को दिया नैतिक समर्थन


कहा- छात्रों के भविष्य का सवाल किसी दल, जाति या धर्म से ऊपर, न्यायपूर्ण कार्रवाई की जरूरत
रांची, 6 अगस्त।
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले लगभग 11-12 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को बुधवार को समाजवादी शिक्षक सभा, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष सैयद शाहरुख हसन रिजवी का नैतिक समर्थन मिला।

सैयद शाहरुख हसन रिजवी आंदोलन स्थल पहुंचे। देवेंद्र नाथ महतो और अन्य छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि जब बात छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की होती है, तब वहां किसी राजनीतिक दल, जाति या धर्म की नहीं, बल्कि न्याय और शिक्षा की बात होती है।
उन्होंने कहा, “हम यहां किसी राजनीतिक मंच के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों के नैतिक समर्थन के लिए आए हैं। छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि युवाओं के साथ अन्याय होगा तो उसका असर पूरे राज्य के भविष्य पर पड़ेगा।”
रिजवी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वास योग्य होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा व्यवस्था पर बना रहे। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्रों की जायज मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और यदि कहीं भी अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी शिक्षक सभा हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई में नैतिक रूप से साथ देती रहेगी।
इस अवसर पर आंदोलनकारी छात्रों ने भी अपने मुद्दों को विस्तार से रखते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग दोहराई।








