कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनीं बीएलओ यास्मीन निगार, देर रात तक करती हैं एसआईआर फॉर्म का ऑनलाइन कार्य


रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान जहां कई बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं, वहीं वार्ड क्षेत्र के बूथ संख्या 239 की बीएलओ यास्मीन निगार अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना के कारण लोगों के बीच एक अलग पहचान बना रही हैं।
यास्मीन निगार दिनभर क्षेत्र में मतदाताओं के बीच रहकर एसआईआर फॉर्म का वितरण, लोगों को आवश्यक जानकारी देना, भरे हुए फॉर्म प्राप्त करना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करती हैं। इसके बाद घर लौटकर घरेलू जिम्मेदारियां पूरी करने के पश्चात देर रात तक फॉर्म को ऑनलाइन अपलोड करने के कार्य में लगी रहती हैं।
यास्मीन निगार बताती हैं कि अभियान के दौरान कई बार ऐसी स्थिति भी आई जब लगातार लोगों की भीड़ और कार्यभार के कारण उन्हें नाश्ता और भोजन तक करने का समय नहीं मिल सका। इसके बावजूद उन्होंने अपने दायित्वों से कभी पीछे हटना उचित नहीं समझा।

उनका कहना है, “सरकार ने हमें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना हमारा कर्तव्य है।”
स्थानीय लोगों के अनुसार, यास्मीन निगार का मोबाइल फोन लगभग हर समय चालू रहता है और वह हर कॉल का जवाब देकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती हैं। उनकी कार्यशैली, सरल व्यवहार और तत्परता के कारण मतदाताओं में उनके प्रति विश्वास बना हुआ है।
यास्मीन निगार एक शिक्षिका भी हैं और अपने विद्यालय में एक ईमानदार,मेहनती, सहयोगी एवं विद्यार्थियों की प्रिय शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। विद्यालय हो या चुनाव संबंधी जिम्मेदारी, दोनों ही क्षेत्रों में वे पूरी लगन और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं।
एसआईआर अभियान के दौरान उनकी कार्यनिष्ठा यह संदेश देती है कि यदि जिम्मेदारियों को ईमानदारी और सेवा भाव से निभाया जाए, तो प्रशासनिक अभियान भी जनसहभागिता के साथ सफल बनाए जा सकते हैं।








