अब्दुल कय्यूम अंसारी की जयंती मनाई गई, हाजी मंजूर अहमद अंसारी ने कहा गरीबों के मसीहा थे अब्दुल कय्यूम अंसारी

हाजी मंजूर अहमद अंसारी ने कहा गरीबों के मसीहा थे अब्दुल कय्यूम अंसारी

रांची। समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी एवं पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले अब्दुल कय्यूम अंसारी की जयंती इरबा में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष सह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हाजी मंजूर अहमद अंसारी ने कहा कि अब्दुल कय्यूम अंसारी गरीबों, मजदूरों और वंचित समाज के सच्चे मसीहा थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर तबके के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि अब्दुल कय्यूम अंसारी ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग और हर समुदाय के लोगों के लिए काम किया। वे हमेशा समाज में भाईचारा, एकता और सामाजिक न्याय की बात करते थे। आज के समय में उनके विचार और आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।

हाजी मंजूर अहमद अंसारी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अब्दुल कय्यूम अंसारी के जीवन से प्रेरणा लेकर उसी तरह जिस तरह स्वर्गीय हाजी अब्दुर रज्जाक अंसारी ने समाज सेवा, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का कार्य किये उसी तरह करने की जरूरत हैं। कार्यक्रम में उपस्थित हाजी मंजूर अहमद अंसारी, मुस्लिम मजलिस मुशाविरत के कन्वीनर खुर्शीद हसन रूमी, अनवार अंसारी, शरीफ अंसारी, फिरोज अंसारी, आदि लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।








