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निजी क्षेत्र में 75% आरक्षण पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे का तीखा पलटवार,भाजपा पर किया करारा प्रहार

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निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भाजपा की बयानबाजी पर कांग्रेस ने अब और कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार जमीन पर काम करने वाली सरकार है, न कि हवा में जुमले उछालने वाली।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे के बाद राज्य में बढ़ते निवेश की संभावना इस बात की गारंटी है कि निजी और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और 75 प्रतिशत आरक्षण झारखंड के युवाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आएगा। उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड सरकार का रोजगार मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह “हर साल 2 करोड़ नौकरी” का झूठा सपना बेचने वाला नहीं है, बल्कि ठोस निवेश, उद्योग और नीति आधारित है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “देश की जनता आज भी प्रधानमंत्री द्वारा किए गए 2 करोड़ नौकरी प्रति वर्ष के वादे का हिसाब मांग रही है, जो पूरी तरह से जुमला साबित हुआ। भाजपा को झारखंड सरकार पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार ने युवाओं को केवल धोखा देने का काम किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार निजी क्षेत्र में आरक्षण को उद्योग-विरोधी नहीं, बल्कि युवा-हितैषी और राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों को देने की नीति के रूप में लागू कर रही है। आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर में हो रहे निवेश से यह आरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार के रूप में दिखाई देगा।

आलोक कुमार दूबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले यह जवाब देना चाहिए कि केंद्र सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के नाम पर अब तक क्या हासिल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और गठबंधन सरकार जुमलों की राजनीति नहीं बल्कि रोजगार की राजनीति पर विश्वास करती है और भाजपा के दोहरे चरित्र को जनता भली-भांति समझ चुकी है।

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