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शहीद शेख भिखारी एवं टिकेत उमरांव सिंह के शहादत दिवस पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष की श्रद्धांजलि

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उनकी शहादत देशभक्ति, एकता और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी: हिदायतुल्लाह खान

रांची: झारखंड की धरती उन वीरों, बलिदानों और महान सपूतों की साक्षी रही है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे ही अमर शहीद शेख भिखारी और टिकेत उमरांव सिंह के शहादत दिवस पर संपूर्ण राज्य उन्हें श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण करता है। आज उनके शहादत दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन दोनों वीर सपूतों ने अंग्रेजी शासन के अत्याचार, अन्याय और दमन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वतंत्रता, स्वाभिमान और साहस की अमिट विरासत छोड़ गए। शहीद शेख भिखारी और टिकेत उमरांव सिंह का योगदान किसी एक वर्ग, समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे संपूर्ण राष्ट्र के लिए लड़े। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि जब किसी देश और समाज की स्वतंत्रता पर संकट आता है, तब जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर एकजुट होकर संघर्ष करना ही सच्चा राष्ट्रीय कर्तव्य होता है।
इन वीरों की शहादत ने यह सिद्ध कर दिया कि झारखंड की मिट्टी में विद्रोह, प्रतिरोध और बलिदान की परंपरा गहराई से रची-बसी है। आगे हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि शहीद शेख भिखारी और टिकेत उमरांव सिंह का बलिदान देश की स्वतंत्रता के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा, “इन वीर योद्धाओं ने कभी भी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और हंसते-हंसते स्वतंत्रता के लिए फांसी के फंदे को स्वीकार कर लिया। उनका संघर्ष हमें सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।”
उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उनका बलिदान यह संदेश देता है कि देश की आज़ादी सामूहिक संघर्ष और साझा कुर्बानियों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि इन महान शहीदों ने यह सिद्ध किया कि अल्पसंख्यक समुदाय सहित समाज के हर वर्ग ने स्वतंत्रता आंदोलन में निर्णायक भूमिका निभाई।
उनका जीवन आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। हिदायतुल्लाह खान ने आगे कहा कि आज, जब देश और समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब इन शहीदों के विचार और मूल्य पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनकी शहादत सदैव देशवासियों को देशभक्ति, एकता और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

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