रमजान का महीना सब्र का महीना है: अधिवक्ता मो शमीम


रांची: रमजान सब्र और गम(दूसरो के गम को समझने) का महीना है। रमजान नेकियों का महीना है। धैर्य(सब्र) के बिना कोई भलाई(नेकी) नहीं की जा सकती हैं। न तो रोजा रखा जा सकता है और न ही कोई इबादत की जा सकती है। रमजान गुनाहों से तौबा का महीना है। और बिना धैर्य(सब्र)के कोई भी गुनाह से नहीं बचा जा सकता। सब्र कि एक किस्म इंसान अपने रब और उसके रसूल का फ़रमाबरदार हो जाए। और हर हाल में अल्लाह और उसके रसूल की नाफरमानी करने से बचे। चाहे कितना भी कठिन परिस्थिति क्यों न हो, सहन करे और अल्लाह पर भरोसा रखे।
मो शमीम अधिवक्ता एक्सक्यूटिव सदस्य झारखंड मुस्लिम माइनोरिटी एडवोकेट एसोसिएशन

You Might Also Like
डेटा-उपनिवेशवाद के विरुद्ध रांची से ‘डिजिटल शंखनाद’: बिग-टेक के एकाधिकार को ज़क्टर (ZKTOR) की सीधी चुनौती
oplus_3145728 प्राइवेसी, सेटिंग नहीं, सिस्टम का हिस्साः बिना विदेशी फंडिंग के तैयार हुआ भारतीय सुपर-ऐप ज़क्टर, जीरो नॉलेज आर्किटेक्चर और...
मेयर पद के लिए सोनू खलखो ने किया नामांकन, स्वच्छ सुंदर और विकसित रांची बनाना लक्ष्य : सोनू खलखो
रांची : रांची नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में रांची के प्रसिद्ध...
इबादतो में गुजरी रात, मांगी अमन व चैन राज्य की खुशहाली की दुआ
शब-ए-बरात अकीदत के साथ हुआ संपन्न एक रात के इबादत से मिलता है ग्यारह महीनों के इबादत का स्वाब रांची:...
वार्ड पार्षद 22 के उम्मीदवार मोहम्मद असलम ने अपना (नामांकन)किया, उमड़ा जन सैलाब
दिनांक 3 फरवरी दिन मंगलवार समय 11:00 बजे वार्ड पार्षद 22 के उम्मीदवार मोहम्मद असलम अपना (नामांकन)नाम निर्देशन करने के...







