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जनजातीय अस्मिता की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई

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शमीम अख्तर आजाद
अध्यक्ष
रांची जिला मोमिन कॉन्फ्रेंस
संघर्ष ,न्याय और समानता की आवाज थमते ही एक युग का अंत हो गया झारखंड आंदोलन के महानायक बाबा ए झारखंड के नाम से मशहूर दिसुम गुरु शिबू सोरेन का निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है , उन्होंने सामाजिक चेतना और संघर्ष की जो विरासत छोड़ी है वह इतिहास में सदैव जीवित रहेगी । शिबू सोरेन ने झारखंड की पहचान अस्तित्व और स्वायत्तता के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया , उनका योगदान ही वह नींव है जिस पर आज का झारखंड खड़ा है। उन्होंने सभी वर्गों के उत्थान, कल्याण ,शिक्षा ,रोजगार, संगठन और अधिकारों की लड़ाई लड़ी । उनके योगदान मार्गदर्शन और प्रेरणा को वर्षों तक झारखंडी याद करेंगे ।जंगल की सियासत से दिल्ली दरबार तक उनकी धमक थी ,उन्होंने हमेशा जल जंगल जमीन के अधिकार एवं आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए आजीवन संघर्ष किया।
शिबू सोरेन, जिन्हें पूरे झारखंड में ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता था, निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई हैं. उनके निधन पर हम सभी भावभीनी श्रद्धांजलिअर्पित करते है।

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