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जिहाद का असली मतलब, जिहाद शब्द अरबी के “जहद” से निकला है, जिसका मतलब है संघर्ष करना, कोशिश करना, अपनी पूरी ताक़त लगाना

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एडवोकेट मोहम्मद परवेज आलम की कलम से “इस्लाम में “जिहाद का असली मतलब ” – एक पैगाम-दोस्तों “जिहाद” शब्द अरबी के “जहद” से निकला है, जिसका मतलब है संघर्ष करना, कोशिश करना, अपनी पूरी ताक़त लगाना। जिहाद दो तरह के होते हैं 1. जिहाद ए अकबर (बड़ा जिहाद), अपने मन की बुरी आदतों गुस्से और ख्वाहिशों से लड़ना 2. जिहाद ए असगर छोटा (जिहाद) अन्याय बेइंसाफी के खिलाफ हिफाजती रक्षात्मक कदम उठाना।
इस्लाम में जिहाद का मतलब सिर्फ लड़ाई नहीं है, बल्कि सबसे पहले और सबसे बड़ा जिहाद है अपने नफ़्स (बुराइयों) के खिलाफ संघर्ष करना,बुरे विचारों से लड़ना,झूठ, अन्याय और ज़ुल्म से बचना,सच और इंसाफ़ के साथ खड़े रहना,अपने चरित्र को बेहतर बनाना,समाज में अमन, मोहब्बत और इंसानियत फैलाना।कुरआन की तालीम हमें बताती है कि जिहाद का असल मकसद अमन, न्याय और इंसाफ़ करना है, न कि फसाद या ज़बरदस्ती करना।आज के दौर में सबसे बड़ा जिहाद है: अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करना
समाज में नफ़रत की जगह भाईचारा पैदा करना इल्म/शिक्षा, ईमानदारी और इंसाफ़ को बढ़ावा देना।
पैगाम:जिहाद तलवार से पहले किरदार का नाम है।
जो अपने ग़ुस्से, लालच और नफ़्स पर काबू पा ले — वही असली मुजाहिद है। हमारे हिंदुस्तान के गैर इस्लामी भाइयों बहनों साथियों को जिहाद का मतलब समझना हमारी जिम्मेदारी है,
अल्लाह तआला हम सबको सही समझ और अमन का रास्ता अपनाने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। 🤲

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