शब-ए-बारात का पर्व आज, तैयारियों में जुटे रहे लोग


आदिल रशीद
रांची: शब-ए-बारात का पर्व झारखंड समेत रांची जिले में तीन फरवरी मंगलवार की शाम को मनाई जाएगी। इसको लेकर मुस्लिम बहुल इलाकों में खासा तैयारी देखने को मिल रही है। मस्जिदों और कब्रिस्तानों की साफ-सफाई के साथ साज-सज्जा आदि करने में लोग लगे रहे। वहीं घरों में भी महिलाएं सफाई के साथ ही पर्व पर बनाए जाने वाले पकवान आदि की तैयारी में जुटी रहीं। वहीं खाद्य सामाग्री की खरीद-फरोख्त में भी लोग मशगूल रहे। इससे बाजारों में देर शाम तक रौनक बनी रही। इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15वीं, शब(रात) को मनाई जाने वाली शब-ए-बारात एक पाक रात है। इस रात में मुसलमान इबादत में मशगूल रहते हैं। मस्जिदों में नमाज अदा की जाती है। कुरान की तिलावत की जाती है। साथ ही कब्रिस्तान में जाकर अपने पूर्वजों की मगफिरत की दुआएं की जाती है। झारखंड के प्रख्यात कारी कुरान हजरत कारी सोहेब अहमद ने बताया कि इस रात को तौबा और इबादत की खास रात मानी जाती है। इसमें लोग सच्चे दिल से दुआ मांगते हैं। इस दिन मस्जिदों और घरों में पूरी रात इबादत की जाती है। लोग रातभर नमाज पढ़ने के साथ ही कुरान की तिलावत करते हैं। साथ ही गुनाहों से तौबा करने के लिए दुआएं मांगते हैं। यह रात रहमत और मगफिरत की रात है। इस रात कई रिवायतों में शाबान महीने की 15वीं रात की फजीलत का जिक्र मिलता है। यह रात पवित्र महीने रमजान के आगमन की गवाही देती है। इससे पहले मुसलमान खुद को आत्मिक रूप से तैयार करते हैं। रांची के लगभग सभी मस्जिदों में ईशा नमाज के बाद विशेष तकरीर किया जाता है। शबे बारात की अहमियत और उसकी फजीलत को बताई जाती है।








