All India NewsBlogJharkhand NewsRanchi JharkhandRanchi Jharkhand NewsRanchi News

मरहबा के अध्यक्ष हाजी नूर अहमद रातु रोड कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक

Share the post

रांची( आदिल रशीद) हर जानदार को मौत का मज़ा चखना है ,मरहबा ह्यूमन सोसाइटी के सदर , व अंजुमन इस्लामिया के सदर हाजी मुख़्तार अहमद के भाई हाजी नूर अहमद का जनाज़ा जब उनके घर से अपने अंतिम सफर के लिए निकला तो वहां मौजूद सभी की आंखे नम हो गई। सैकड़ों की तादाद में लोग उनके घर में उनकी अखरी दीदार के लिए जमा थे। दिन के दो बजे उनका जनाज़ा उनके घर से जब रातू रोड कब्रस्तान के लिए निकला तब वहां मौजूद उनके परिवार के लोगों की चीख पुकार से सभी लोग ग़मगीन हो गए। और हो भी क्यों न निहायत खुश मिजाज, ज्यादा न बोलना, नाप तोल कर बोलना, सबको लेकर चलना, सबके दुख सुख में शामिल रहना। इसी शख्शियत थे नूर अहमद। ज्ञात हो कि हाजी नूर अहमद पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे और कल उन्होंने अंजुमन इस्लामिया हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली थी। हाजी नूर अहमद अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए वो एक नर्म दिल इंसान के साथ अच्छे कारोबारी भी थी ।जब दो हजार आठ में वो हज से वापिस लौटे तब अपने दोस्तों के साथ मिल कर मरहबा ह्यूमन सोसाइटी नामक संस्था बनाया जिसका मक़सद झारखंड से जाने वाले आजमीने हज की परेशानियों को दूर करना, समाज में नशा के खिलाफ अभियान चलाना । गरीब भूखे लोगों के लिए “कोई भूखा ना रहे “अभियान के साथ साप्ताहिक खाना बांटना , हर साल रमज़ान के महीने में ग़रीब बे सहारा रोजेदारों के लिए रमजान किट के ज़रिए 200 लोगों को पूरे रमज़ान का खाने का सामान मुहैया कराना जैसे काम अपने अध्यक्षता में किया इनका यूं दुनिया से चले जाना समाज के लिए बड़ा नुकसान है ।
हाजी नूर अहमद के जानज़े की नमाज़ अहले हदीस के मौलाना मोहम्मद फ़ैज़ी ने पढ़ाई। जानजा में शामिल होने वालों में अंजुमन के अध्यक्ष हाजी मुख्तार, सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के महासचिव अकील उर रहमान,अंजुमन इस्लामिया के पूर्व सदर अबरार अहमद,डॉ मजीद आलम,इंजीनियर नसीम अहमद,मेदांता इरबा के डॉ सईद अहमद,मॉर्निंग ग्रुप के अध्यक्ष हाजी हलीमुद्दीन,पठान तंजीम के सदर अय्यूब राजा खान,एडवोकेट फिरोज खान, लहू बोलेगा से नदीम खान, साजिद उमर, मौलाना डॉ औबेदुल्ला कासमी,मौलाना डॉ तल्हा नदवी,मुस्लिम मजलिसे मशावरात के खुर्शीद हसन रूमी,मरहबा के सैयद नेहाल अहमद,नैयर सहाबी,शमशाद अनवर,जियाउद्दीन साबरी, तारीक सगीर,आफताब अनवर,परवेज़ खान,हाजी शाहिद,अफ़शरुल आब्दीन,मो शमीम,मो जमील,फिरोज आलम,आलम खान,के अलावा शहर और आसपास के सैकड़ों लोग मौजूद थे।

Leave a Response