हज़रत अब्दुल रहीम शाह रहमतुल्लाह अलैह (चुना शाह बाबा) का 57वाँ सालाना उर्स मुबारक


झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने आस्ताना शरीफ में दी हाज़िरी
जमशेदपुर: शहर के प्रसिद्ध क्षेत्र बिष्टुपुर स्थित हज़रत अब्दुल रहीम शाह रहमतुल्लाह अलैह (चुना शाह बाबा) की दरगाह पर 57वें सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर अक़ीदत मंदो की भारी भीड़ उमड़ी। इस मुबारक अवसर पर रूहानी, प्रेम और भाईचारे का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ हर धर्म और समुदाय के लोग अक़ीदत के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुँचे।
उर्स के मौके पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष तथा दरगाह कमेटी के संरक्षक हाजी हिदायतुल्ला खान ने जुमे की नमाज़ के बाद आस्ताना शरीफ में हाज़िरी दी। उन्होंने दरगाह पर चादरपोशी की, फ़ातिहा पढ़ी और देश व समाज की खुशहाली, शांति तथा आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएँ कीं।
इस अवसर पर हाजी हिदायतुल्ला खान ने महफ़िल-ए-समाअ में भी भाग लिया और वहाँ उपस्थित अक़ीदत मंदो को उर्स मुबारक की मुबारकबाद दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में यह दरगाह एक ऐसा रूहानी मक़ाम है, जहाँ सभी धर्मों के लोग समान अक़ीदत के साथ आते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हज़रत चुना शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का दरबार प्रेम, एकता और मानवता का संदेश देता है। यहाँ हर वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी मनोकामनाएँ लेकर आते हैं और बाबा की दरगाह पर चादर व गुलपोशी करते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि यह दरगाह गंगा-जमुनी तहज़ीब का एक सुंदर उदाहरण है।
उर्स के दौरान क़ुरआन ख़्वानी, तकरीर, चादरपोशी, लंगर और महफ़िल-ए-समाअ जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें क़व्वाल नुसरत कादरी (जयपुर, राजस्थान) और गुलाम वारिसी (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने सराहा।
दरगाह कमेटी की ओर से सभी व्यवस्थाएँ उत्कृष्ट रूप से की गई थीं, जिससे आने वाले अक़ीदत मंदो को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें देश में शांति, भाईचारा और प्रगति के लिए विशेष दुआएं की गईं।
उर्स के सफल आयोजन के लिए हिदायतुल्ला खान ने अलहाज एस. एम. क़ुतुबुद्दीन (महासचिव, दरगाह कमेटी), गद्दीनशीन ताज अहमद तथा अन्य आयोजकों को बधाई दी और आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित उलेमा में मौलाना हाफ़िज़ क़मरुज़्ज़मा नूरी (भागलपुर), खतीब-ए-अहले सुन्नत अल्लामा मौलाना हफीजुद्दीन (बिष्टुपुर मस्जिद), मौलाना मोहम्मद इज़हार अहमद (खतीब व इमाम, जामा मस्जिद बिष्टुपुर), प्रख्यात वक्ता क़ारी व मौलाना कलीम क़ैसर (जुगसलाई) तथा मौलाना मुश्ताक अहमद (जुगसलाई) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








