“रिकॉर्ड नहीं, जवाब दे सरकार!” – आलोक दुबे का मोदी सरकार पर तीखा हमला “मन की बात, जनता से दूरी” – कांग्रेस का पलटवार


“महंगाई-बेरोजगारी चरम पर, फिर किस बात का जश्न?”
“विकसित भारत के नाम पर बंटता देश – आलोक दुबे”
“जनविरोधी नीतियों से त्रस्त जनता, प्रचार में व्यस्त सरकार”
रांची, झारखंड | प्रेस विज्ञप्ति
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि देश की जनता अब “रिकॉर्ड” और “प्रचार” के बीच का फर्क समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि 8,931 दिनों का रिकॉर्ड गिनाने से देश की असल समस्याएं नहीं छुपाई जा सकतीं। 75 वर्षों के इतिहास में देश ने पहली बार ऐसा प्रधानमंत्री देखा है, जो “मन की बात” के जरिए केवल एकतरफा संवाद करता है, लेकिन जनता के सवालों का जवाब देने से बचता है।
दुबे ने कहा कि जिस नेतृत्व को “सेवा और समर्पण” का प्रतीक बताया जा रहा है, उसके कार्यकाल में—
महंगाई गगन चूम रही है,
बेरोजगारी अपने चरम पर है,
देश में सामाजिक और धार्मिक विभाजन बढ़ा है,
और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “न छप्पन इंच का सीना दिखाई देता है, न ही लाल आंखों का प्रभाव—बल्कि हर मोर्चे पर विफलता और केवल प्रचार दिखाई देता है।”
आलोक कुमार दुबे ने आगे कहा कि “विकसित भारत” का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत में देश टुकड़ों में बंटता नजर आ रहा है।
विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत की स्थिति ऐसी बन गई है कि देश का नेतृत्व स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय अमेरिका के इशारों पर चलता हुआ प्रतीत होता है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह सरकार “जनविरोधी नीतियों” की सरकार बन चुकी है, जहां आम जनता की समस्याओं पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया जा रहा, बल्कि केवल इवेंट और प्रचार के माध्यम से सच्चाई को छुपाने की कोशिश की जा रही है।








