ई विद्यावाहिनी पोर्टल में विभिन्न तकनीकी त्रुटियों के कारण निजी मोबाईल से उपस्थिति दर्ज करने के लिए मजबूर हो रहे हैं शिक्षक : संयुक्त शिक्षक मोर्चा


राज्य के सभी कर्मचारियों की भांति आधार आधारित बायोमेट्रिक डिवाइस विद्यालयों को उपलब्ध कराये विभाग
रांची, दिनांक, 26/03/2026,
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, राज्य के शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत पुनः 32,582 एल -1 श्रेणी के रजिस्टर्ड फिंगरप्रिंट डिवाइस खरीदने के लिए लगभग 16 करोड़ की राशि राज्य योजना प्राधिकृत समिति के समक्ष प्रस्तावित किया है।
उक्त संदर्भ में झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह, आशुतोष कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने संयुक्त रूप से कहा है कि सरकार को कई बार निम्नांकित बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते आ रही है, परन्तु अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कारवाई नहीं की गई है।
- ज्ञानोदय योजना के तहत पिछले दशक भी प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने के लिए टैबलेट एवं फिंगरप्रिंट डिवाइस की खरीदारी किया गया, परन्तु विडंबना रही है कि उपलब्ध कराए गए डिवाइस में कई तरह के तकनीकी त्रुटि रहने के कारण शिक्षकों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं बन पाता है।
- विभागीय आदेश के अनुरूप राज्य के शिक्षक अपने निजी मोबाइल से बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने को मजबूर हो रहे हैं।
- मोर्चा के द्वारा कई बार आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस नियमावली 2015 के अनुरूप शिक्षकों को भी उच्च गुणवत्ता युक्त डिवाइस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा चुका है।
- इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय में दायर WP(S) संख्या 4571/2024 के न्यायादेश के बावजूद विभाग अपनी स्वेच्छाचारिता के अनुरूप शिक्षा हित की अनदेखी करते हुए पुनः 32,582 बायोमेट्रिक डिवाइस की खरीदारी की योजना है।
- जब राज्य के सभी कर्मचारी एवं पदाधिकारी आधार बेस्ड बायोमेट्रिक नियमावली 2015 के अनुरूप बायोमेट्रिक डिवाइस में आसानी से अपनी – अपनी अटेंडेंस दर्ज करते आ रहे हैं, तब राज्य के शिक्षकों के लिए विभिन्न त्रुटियों से युक्त ई विद्या वाहिनी नामक पोर्टल के द्वारा बायोमेट्रिक अटेंडेंस क्यों ? आखिर कौन सी विभागीय मजबूरी है यह समझ से परे है!
लोकतंत्र के चौथे प्रहरी के माध्यम से मोर्चा विभाग से यह अपील करती है कि उच्च गुणवत्ता युक्त आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस डिवाइस की खरीदारी कर विद्यालयों को उपलब्ध कराया जाय ताकि शिक्षकों को अपनी निजी मोबाइल से बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने को मजबूर न होना पड़े।
ज्ञातव्य है कि शिक्षकों का मासिक वेतन विद्यालय के अनुपस्थिति विवरणी के साथ बायोमेट्रिक अटेंडेंस की प्रतिलिपि सबमिट करने के उपरांत ही भुगतान होता है।
पिछले एक दशक से ई विद्यावाहिनी पोर्टल में अनेकों खामियां रहने के कारण शिक्षकों को विभागीय पदाधिकारियों के द्वारा कोप का भाजन बनना आम बात हो जाती है। जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है, अतः राज्य की शिक्षा हित को ध्यान में रखते हुए विभागीय लचर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना अत्यंत जरूरी हो चुका है।








