मत्स्य उत्पादों की स्वच्छता व जलकृषि प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण का समापन, मत्स्य कृषकों के बीच परिसम्पतियां वितरित


रांची। केन्द्रीय माति्स्यकी प्रौद्योगिकी संस्थान के मुम्बई केन्द्र द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। इस प्रशिक्षण का विषय मत्स्य उत्पादों का स्वच्छता और उसके देखभाल तथा सर्वोत्तम जलकृषि प्रबंधन था। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन मत्स्य विभाग के निदेशक अमरेन्द्र कुमार ने मत्स्य पालकों को मछली का बेहतर दाम मिले, इसके लिए बिक्री स्थल पर साफ-सफाई, मछलियों को स्वच्छ रखने व मछलियों के मूल्य संवर्धित उत्पाद के बारे में और काम करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का लाभ तभी हो सकता है, जब किसान बताए गये तकनीकों का उपयोग करें। ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की मछली दे सकें। उन्होंने सीआईएफटी के विशेषज्ञों से अनुरोध किया कि इस तरह का प्रशिक्षण प्रत्येक जिले में हो।
इस प्रशिक्षण में सीआइएफटी, मुंबई से आए हुए वरीय वैज्ञानिक डाॅ. अभय कुमार ने किसानों को प्रस्तुति दी, जिसमें प्रसंस्करण तथा विक्रेताओं को दिशा निर्देश की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी जयंत रंजन, सीआइएफटी के तुलसी राम बाघमारे (तकनीकी पदाधिकारी) भी मौजूद रहे।

*मत्स्य पालकों के बीच इनपुट का वितरण
केंद्रीय मात्स्यिकी तकनीक संस्थान (सीआइएफटी) द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतिम दिन इनपुट का वितरण किया गया जिसमें, बीज, फांस जाल, फीड, लाइव जैकेट, इंसुलेटिंग बैग, आइस बाक्स आदि प्रमुख सामग्री थे। कार्यक्रम का संचालन मंजूश्री तिर्की ने किया।
संजय कुमार गुप्ता, उप मत्स्य निदेशक (योजना) ने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र में नित्य नये-नये विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहते हैं। उनमें से मछली पकड़ने की विधि से लेकर विपणन तक स्वच्छता का ध्यान रखने पर बल दिया।
मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे मछली का अचार, पापड़ कटलेट, फीश फिंगर, फिश फिलेट, फिश स्टीक आदि के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर महेशपुर मत्स्यजीवी सहयोग समिति गेतलसूद, अनगड़ा, पतराटोली मत्स्यजीवी सहयोग समिति, धुर्वा डैम के करीब 55 किसान उपस्थित थे।
प्रशिक्षण झारखंड राज्य के अनुसूचित जाति के मत्स्य कृषकों के लिए आईसीएआर-सीआइएफटी, कोचीन के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर-सीआइएफटी, कोचीन के प्रधान वैज्ञानिक और एससीएसपी के नोडल अधिकारी एस. सुरेश तथा आईसीएआर -सीआइएफटीके निदेशक डॉ. जाॅर्ज निनन के नेतृत्व में किया गया।








