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व्यापारियों पर झूठा आंसू बहा रही भाजपा, खुद दलालों की सबसे बड़ी संरक्षक रही है : आलोक कुमार दूबे, महासचिव झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी

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व्यापारियों को गाली देने का झूठा नेरेटिव गढ़ रही है भाजपा; आलोक कुमार दूबे

हेमंत सोरेन पहले मुख्यमंत्री जिन्होंने व्यापारियों को विदेश ले जाकर निवेश का भागीदार बनाया; कांग्रेस

बीजेपी को विकास नहीं दिखता,केवल राजनीतिक बयान बाजी आती है, आलोक कुमार दूबे

झारखंड में उद्योग,निवेश और रोजगार बढ़ाने का इमानदार प्रयास कर रही है हेमंत सरकार; कांग्रेस

रांची – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि भाजपा नेताओं की बयानबाज़ी तथ्यों से नहीं, राजनीतिक हताशा से प्रेरित है। झारखंड के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों और राज्य के व्यापारियों को विदेश ले जाकर निवेश का साझेदार बनाने का गंभीर प्रयास किया है, लेकिन भाजपा को यह भी रास नहीं आ रहा।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आदित्य साहू यह बताएं कि भाजपा शासनकाल में झारखंड के कितने व्यापारी विदेश गए, कितने निवेश समझौते हुए और कितने रोजगार पैदा हुए? सच यह है कि भाजपा सरकारों ने झारखंड को सिर्फ खनिज लूट और ठेकेदारी का चारागाह बनाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार व्यापारियों को गाली नहीं, भागीदारी दे रही है, जबकि भाजपा ने हमेशा व्यापार को कुछ गिने-चुने घरानों और दलालों के हाथों गिरवी रखा। आज भाजपा को व्यापारियों की याद इसलिए आ रही है क्योंकि दलाल-ठेकेदार मॉडल की सत्ता उनसे छिन चुकी है।

दूबे ने कहा कि भाजपा को व्यापारी समाज की चिंता दिखाने से पहले यह बताना चाहिए कि नोटबंदी और जीएसटी की अव्यवस्थित लागू व्यवस्था से छोटे व्यापारियों की कमर किसने तोड़ी? करोड़ों रोजगार खत्म किसके फैसलों से हुए?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए जो पहल की है, वह राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। भाजपा नेताओं को यह स्वीकार करने का साहस नहीं है कि झारखंड अब दिल्ली के इशारों पर नहीं, बल्कि झारखंडियों के हित में फैसला ले रहा है।आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा को राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने का कोई अधिकार नहीं है, झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंड की जनता का है, यह बात कहना राष्ट्र विरोधी नहीं बल्कि संवैधानिक सच्चाई है। भाजपा ने तो हमेशा झारखंड के जल जंगल जमीन को बाहरी पूंजी पतियों के हाथों बेचा है।
आलोक दूबे ने कहा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार उद्योग, व्यापार, निवेश और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है भाजपा को चाहिए कि वह निराधार आरोप लगाने के बजाय रचनात्मक राजनीति करें।झारखंड की जनता जानती है कि कौन व्यापार का सम्मान कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठी बयान बाजी कर रहा है।

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