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स्वतंत्रता सेनानी भारतीय राष्ट्रवादी अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी की जयंती मनाई गई

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मंत्री, विधायक, नेतागण, समाजसेवी उनके योगदान को याद किया

रांची: रांची समेत झारखंड के विभिन्न जिलों में आज भारत के स्वतंत्रता सेनानी भारतीय राष्ट्रवादी स्वर्गीय अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी की 109 वी जयंती मनाई गई। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस, दि छोटा नागपुर रीजनल हैंडलूम विवर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड, झारखंड के विभिन्न जिलों में भारतीय राष्ट्रवादी स्वर्गीय अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी की जयंती मनाई गई।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान स्वर्गीय अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी के साहस राज्य और देश के लिए उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सीनियर लीडर रौशन लाल भाटिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि खुर्शीद हसन रूमी प्रवक्ता कांग्रेस कमेटी ने संचालन किया। सभी ने उनके योगदान को यादकर कांग्रेस के प्रति सम्पूर्ण भावना को याद किया। मुख्य अतिथि कांग्रेस के शहजादा अनवर, कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, मंजूर अहमद अंसारी थे।

इन्होंने कहा कि इरबा ओरमांझी को पहचान दिलाने वाले स्वर्गीय अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके पुत्रों ने जो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे वो सराहनीय है। रौशन लाल भाटिया, शहजादा अनवर, मंजूर अहमद अंसारी, नूर, शरीफ अंसारी, अनवार अहमद अंसारी, खुर्शीद हसन रूमी, डॉ तौसीफ, ऐनुल हक अंसारी, ने भी अपनी बात रखी।दि छोटा नागपुर हैंडलूम एंड खादी वीवर्स को ऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड के प्रांगण में सुबह 9 बजे कुरान खानी के साथ जयंती की शुरुआत हुई।

उनके लिए दुआएं की गई, गरीब, असहाय, बुनकर परिवार, मदरसा के बच्चों के बीच कंबल वितरण किया गया। साथ ही चुट्टू पालू में बिरहोर जाति के बीच लंगर चलाया गया। उसके बाद दस बजे मेदांता अस्पताल इरबा में स्वर्गीय अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। 24 जनवरी 1917 को जन्मे अब्दुल रज़्ज़ाक़ अंसारी झारखंड में चिकित्सा, शिक्षा एवं बुनकर उद्योग के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले अब्दुर रजाक अंसारी एक ऐसा नाम जो आज किसी परिचय का मोहताज नहीं।

अब्दुल रजाक अंसारी सामाजिक कार्य और जन सेवा से अपनी पहचान बनाई और फिर राजनीति में कदम रखा। 1964 में पहली बार बिहार विधानसभा परिषद के सदस्य बने 1989 में दोबारा विधानसभा परिषद के सदस्य बने। बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्रा के मंत्रिमंडल में उन्हें हस्तकरघा रेशम और पर्यटन विभाग का कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया। मंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य के हस्तकरघा उद्योग रेशम उत्पादन और पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में अनेकों काम किए। अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने बुनकर होते हुए हस्तकरघा मंत्रालय का पद संभाला। अब्दुल रजाक अंसारी के जलाए दीप को उनके पुत्रों ने आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सईद अहमद अंसारी, मंजूर अहमद अंसारी, स्वर्गीय जुबेर अंसारी, इफ्तिखार अहमद अंसारी, और अनवार अहमद अंसारी ने अपने पिता के दिखाए हुए रास्तों पर चलते हुए उनके कार्यों को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं।

अनवार अहमद अंसारी ने इस मौके पर कहा के अपने पिता स्वर्गीय अब्दुर रजाक अंसारी के दिखाए हुए रास्ते पर चलते हुए छोटा नागपुर रीजनल हैंडलूम विवर्स कोऑपरेटिव यूनियन के कार्यों को गति देना और बुनकरों को रोजगार से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है। मंजूर अहमद अंसारी, सईद अंसारी, शरीफ अंसारी, अनवार अहमद अंसारी, इश्तियाक अहमद, फिरोज अंसारी, जावेद अंसारी, हसीब अंसारी ने रीजनल हैंडलूम विवर्स कोऑपरेटिव यूनियन में आए मदरसा के बच्चों को लेकर दुआएं मगफिरत की। ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस द्वारा विभिन्न जिलों में अब्दुल रज़्ज़ाक़ अंसारी की जयंती मनाई गई।


बुनकरों को संगठित कर यूनियन बनाया। अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी ने बुनकरों को संगठित कर उनके लिए कोऑपरेटिव यूनियन बनाया। उसे वक्त बुनकरों का पूरे भारत में यह पहला यूनियन बना। इसका लाभ बुनकरों को उसे वक्त भी मिला और अब भी मिल रहा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद के लेखक सोहेल अजीमाबादी के संपर्क में स्वर्गीय अब्दुल रज्जाक अंसारी आए और स्वतंत्रता संग्राम और कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे। सोहेल अजीमाबादी ने अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी को महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय अब्दुल कयूम अंसारी से भी मिलवाया। 1946 में अपने गुरु अब्दुल कयूम अंसारी के नाम पर इरबा में एक स्कूल स्थापित किया शिक्षा की अहमियत को समझते हुए अपने पत्नी के साथ मिलकर इलाके में 17 स्कूल की स्थापना की।

1946 में स्वतंत्रता की लड़ाई के अंतिम चरण में जब देश विभाजन की आंधी के चपेट में था तो अब्दुल रजाक अंसारी ने खुलकर मैदान में सामने आए और मुस्लिम लीग से बचने के लिए छोटा नागपुर डिवीजन के पांचो सीट कांग्रेस के झोली में डालें। आज पूरा झारखंड और बिहार के कई जिला में सांवरिया अब्दुल रज्जाक अंसारी की जयंती मनाई गई। इस मौके पर शरीफ अंसारी, मंजूर अहमद अंसारी, अनवार अहमद अंसारी, जावेद अंसारी, हसीब अंसारी, सैयद निहाल अहमद, फिरोज अंसारी, अधिवक्ता मोहम्मद जमील अख्तर, खलील अहमद अंसारी, अकमल अंसारी, नसीम अंसारी, मुजम्मिल, जावेद, शकील, परवेज, रोशन लाल भाटिया, खुर्शीद हसन रूमी, शहजादा अनवर, डॉक्टर तौसीफ, समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

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