All India NewsBlog

बेटियों को इतना सक्षम बनाए कि दहेज की उलाहना न सहना पडे: अंसारी

Share the post

दहेज प्रथा पर बीएनएन इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रांची : बीएनएन इंटरनेशनल स्कूल इरबा रांची प्रागंण में दहेज प्रथा को लेकर रविवार 15 फरवरी 2026 को परिचर्चा सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड के पत्रांक 267 के आलोक में किया गया। स्कूल कि फाउंडर कम प्राचार्य एजे अंसारी ने कहा कि दहेज प्रथा एक सामाजिक कुरीति है। इसे मिटाने के लिए बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा के साथ-साथ सफल बनाना होगा। हम अपनी बेटी को इतना शिक्षित और आत्‍मनिर्भर बनाये कि उसे ससुराल में कोई भी दहेज के लिए उलाहना न दे सके। हम अपनी बेटियों को इतना सक्षम बनाए कि बेटी को दहेज की उलाहना न सहना पडे। दहेज लोभी समाज के लिए एक कलंक है।

दहेज लोभी सजा के साथ साथ घृणा का पात्र भी है। उन्‍होंने कहा कि परिवार में मॉं के सशक्‍त होने से दहेज प्रथा पर रोक लगायी जा सकती है। सशक्‍त मॉ ही परिवार में दहेज न लेने और न देने का मानस तैयार कर सकती है।..डॉ शहंशाह आलम ने कहा कि वर्तमान में दहेज सभ्य समाज के लिए अभिशाप बन चुका है।

आज बेटियां दहेज की बली चढ़ रही हैं। शिक्षित वर्ग इसके खिलाफ जागे हैं लेकिन और जागना होगा। इस कुप्रथा को खत्म करने की जिम्मेवारी हम सभी की है। वहीं बिल्किस जहां ने कहा कि दहेज ऐसी कुप्रथा है, जिसमें मनुष्य मानवता को भूल कर महिलाओं का शोषण करता है। बेटियों को खूब पढ़ाए।

वहीं विद्यालय कि कई शिक्षिका, छात्र छात्राओं और इंटर नेशनल ह्यूमन राइट्स अधिवक्ता हम्माद अहमद अंसारी ने भी अपने-अपने विचार रखे। हम्माद अंसारी ने कहा है दहेज प्रथा समाज के लिए कलंक है, इस कलंक को मिलकर मिटाना है।

हम स्कूल मैनेजमेंट को बधाई देते हैं कि दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। मौके पर अनवार अहमद अंसारी, डॉ शहंशाह आलम, बिल्किस जहां, अनीश जहां अंसारी, फिरोज अहमद अंसारी, इश्तियाक अंसारी, नसीम अंसारी, शैलेंद्र मिश्रा, अब्दुल गफ्फार, गोविंद, जैनुल अंसारी, समेत अभिभावकगण, स्कूल परिवार, और आसपास के सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

Leave a Response