हार के डर से चुनाव आयोग और पुलिस पर सवाल उठा रही भाजपा: आलोक कुमार दुबे, निकाय चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होंगे, भ्रम फैला रही है भाजपा: कांग्रेस


संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रच रही भाजपा: जेपीसीसी
बैलेट हो या ईवीएम, जनता का फैसला सर्वोपरि: कांग्रेस का पलटवार
भय और अविश्वास की राजनीति अब नहीं चलेगी: आलोक कुमार दुबे
रांची: निकाय चुनाव को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दिए गए बयान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को हार का डर इस कदर सता रहा है कि वह चुनाव प्रक्रिया और राज्य की संवैधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक सवाल खड़े कर रही है।
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि निकाय चुनाव संविधान और कानून के प्रावधानों के तहत कराए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह स्वतंत्र है और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण बनाने के लिए सक्षम है। भाजपा द्वारा बार-बार केंद्रीय बल और सीसीटीवी को लेकर भ्रम फैलाना जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की साजिश है।
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र और चुनावी मर्यादाओं का सम्मान करती है। राज्य पुलिस और प्रशासन ने पूर्व में भी सफलतापूर्वक कई चुनाव संपन्न कराए हैं। पुलिस पर अविश्वास जताना राज्य के सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास है, जो पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कोई नया प्रयोग नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट से शांतिपूर्ण ढंग से कराए जाते रहे हैं। भाजपा जब ईवीएम पर सवाल उठाती है तो बैलेट की मांग करती है और जब बैलेट से चुनाव हो रहा है तो उसी पर संदेह जता रही है—यह भाजपा का दोहरा चरित्र दर्शाता है।
आलोक कुमार दुबे ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह समझना चाहिए कि जनता अब डर और अफवाह की राजनीति को नकार चुकी है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का स्पष्ट मत है कि चुनाव निष्पक्ष होंगे और जनता अपने मताधिकार का प्रयोग बिना किसी दबाव के करेगी। कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध करेगी।








